

Nashik Heritage Site Inspection: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने नासिक के ऐतिहासिक विरासत स्थल पांडवलेणी (त्रिरश्मी गुफाएं) का विस्तृत निरीक्षण किया, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यहां आने वाले अद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को अधिक आधुनिक और उच्च स्तरीय चनाया जाए। मुख्य सचिव ने त्रिरश्मी पहाड़ी पर स्थित 22 गुफाओं का भ्रमण किया और विशेषज्ञों से इनके गौरवशाली इतिहास की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और संवर्धन करते समय उनके पुरातत्व महत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए, निरीक्षण के दौरान मुख्य सविध ने परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की वर्तमान स्थिति को परखा, पर्यटकों की बढ़ती संख्या और कुंभ मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित बिदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए है। प्रवेश मार्ग और सीढ़ियों को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाना ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग भी आसानी से दर्शन कर सकें। गुफाओं के इतिहास से अवगत कराने के लिए डिजिटल बोर्ड और क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित करना, परिसर में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और आधुनिक शौचालयों का निर्माण सुनिश्वित करना वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल और रात के समय उचित प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था करना।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मुख्य सचिव के साथ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे- डॉ. प्रवीण गेडाम (अध्यक्ष, कुंभ मेला विकास प्राधिकरण एवं विभागीय आयुक्त)।
शेखर सिंह (आयुक्त, कुंभमेला विकास प्राधिकरण)। जी. मल्लिकार्जुन (मुख्य वन संरक्षक) और पुरातत्व विभाग के हेमंत कुमार हुकरे। शोधकर्ता रमेश पडवल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु नासिक पहुंचते हैं। पांडवलेणी नासिक का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, ऐसे में मुख्य सचिव का यह दौरा संकेत देता है कि सरकार कुंभ मेले से पहले शहर के सभी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का कायाकल्प करने के लिए प्रतिबद्ध है।