नासिक के मालेगांव में बारिश के बीच मकान बना मौत का जाल, छत ढहने से दादी-पोते की हुई दर्दनाक मौत

House Roof Collapsed In Heavy Rain: नासिक के मालेगांव में पहली ही बारिश में मकान की छत ढह गई। हादसे में दादी और पोते की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।
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मकान की छत गिरने से मौत (फोटो नवभारत)
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Nashik House Roof Collapsed In Heavy Rain: नासिक जिले के मालेगांव शहर में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। शहर के कलेक्टर पट्टा इलाके में एक मकान की छत भरभराकर ढह गई। इस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में दादी और पोते की दर्दनाक मौत हो गई।

मृतकों की पहचान विमलबाई येवले (74) और चेतन येवले (21) के रूप में हुई है। वहीं, इस हादसे में प्रणिता रामचंद्र येवले (18) नामक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल में तोड़ा दम

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर पट्टा क्षेत्र में रुद्र हनुमान मंदिर के आगे रहने वाले राजेंद्र पंढरीनाथ येवले के मकान में हादसे के समय विमलबाई, चेतन और प्रणिता मौजूद थे। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मकान की छत का स्लैब अचानक गिर पड़ा और तीनों उसके मलबे में दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

स्थानीय नागरिकों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल चेतन और विमलबाई को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। प्रणिता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

जर्जर मकानों को लेकर बढ़ी चिंता

घटना की सूचना मिलते ही छावनी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच प्रारंभ कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार हुई बारिश के कारण मकान की छत कमजोर होकर ढह गई।

इस घटना के बाद मालेगांव और आसपास के क्षेत्रों में पुराने एवं जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ऐसे भवनों का तत्काल सर्वेक्षण कराने और जोखिम वाले मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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