नासिक में गोदावरी तट पर 6,500 आदिवासी एक सुर में गा रहे आरती, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी, देखें VIDEO

Tribal Godavari Aarti Guinness Record Nashik: नासिक में गोदावरी तट पर 650 गांवों के करीब 6,500 आदिवासियों ने गोदावरी आरती गाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया है। देखें इस आयोजन का वीडियो।
Godavari Aarti Guinness record video Nashik
गोदावरी आरती(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Godavari Aarti Guinness Record Video Nashik: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर गोदावरी नदी के तट पर भक्ति, लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला।

नासिक जिले के लगभग 650 अलग-अलग गांवों से आए करीब 6,500 आदिवासी भाई-बहनों ने एक सुर में सामूहिक गोदावरी आरती गाकर एक नया इतिहास रचने और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया है।

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सिंहस्थ कुंभ का पावन अवसर और भव्य वातावरण

यह ऐतिहासिक महाआरती नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ के आधिकारिक शुभारंभ के दिन आयोजित की गई। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों-महंत उपस्थित है।

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जनजातीय संस्कृति और सांस्कृतिक एकजुटता की मिसाल

नासिक के जनजातीय समाज द्वारा प्रस्तुत यह विशाल गोदावरी आरती न केवल एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, नदी संरक्षण और आदिवासी समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक एकजुटता की एक अनूठी मिसाल बनकर सामने आई है।

650 गांवों से पहुंचे 6,500 जनजातीय श्रद्धालु

31 अक्टूबर 2026 की शाम 6:30 बजे नासिक के पावन गोदा घाट पर 650 विभिन्न गांवों से आए 6,500 से अधिक आदिवासी श्रद्धालु एकत्र हुए। एक साथ, एक लय और एक ही स्वर में भक्तिभाव से गूंजती इस महाआरती ने पूरे गोदावरी तट को अलौकिक ऊर्जा से भर दिया। सामूहिक भक्ति का यह नाद और आरती का गजर वहां मौजूद लाखों श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय क्षण बन गया।

गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम रही मौजूद

इस ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड के प्रयास के आधिकारिक सत्यापन और निगरानी के लिए 'गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के प्रतिनिधि और आधिकारिक निर्णयकर्ता स्वयं गोदा घाट पर मौजूद रहे। उन्होंने 6,500 आदिवासियों की इस अनुशासित और एकसुर महाआरती का मौके पर निरीक्षण और सत्यापन किया।

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