

सर्वपितृ अमावस्या पर रामकुंड और चक्री परिसर में स्नान के लिए पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत।
पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए गोदाघाट पहुंचे श्रद्धालु परेशान।
ऋषिपंचमी के अवसर पर भी सामने आई थी पानी की समस्या।
सिंहस्थ कुंभ से पहले घाटों की बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल।
श्रद्धालुओं ने नियमित जलापूर्ति और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
Nashik Ramkund Godavari Ghat Water Shortage: नासिक के गोदाघाट पर सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर स्नान और तर्पण के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को रामकुंड और चक्री परिसर में पानी नहीं मिलने से परेशानी हुई। ऋषिपंचमी पर भी ऐसी समस्या सामने आई थी। बार-बार पानी की अनुपलब्धता से आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
धार्मिक महत्व के इस पर्व पर बुनियादी व्यवस्था की कमी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले ऋषिपंचमी पर भी पानी की अनुपलब्धता की शिकायत सामने आई थी।
नासिक शहर पितृ पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या पर गोदावरी नदी में स्नान, पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर नासिक और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोदाघाट पहुंचते हैं।
शनिवार, 10 अक्टूबर को भी सुबह से घाट परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। लेकिन रामकुंड सहित चक्री परिसर में स्नान के लिए पानी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई।
उनका कहना है कि प्रमुख धार्मिक पर्वों की तारीख पहले से तय होती है। ऐसे में प्रशासन को श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और स्नान-तर्पण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से व्यवस्था करनी चाहिए।
नासिक में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल गोदाघाट पर स्नान के लिए पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत ने बुनियादी सुविधाओं और नियोजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि जब नियमित धार्मिक पर्वों पर ही पानी की व्यवस्था में परेशानी सामने आ रही है, तो सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं कैसे सुनिश्चित की जाएंगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटों पर पानी की नियमित उपलब्धता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने की मांग की है।
गोदाघाट पर पानी की अनुपलब्धता का मुद्दा इससे पहले ऋषिपंचमी के अवसर पर भी सामने आया था। इसके बावजूद सर्वपितृ अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर दोबारा ऐसी स्थिति बनने से श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को स्नान और तर्पण जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। अब प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था करे, ताकि आगामी धार्मिक आयोजनों और सिंहस्थ कुंभ के दौरान ऐसी स्थिति से बचा जा सके।