बाहरी DJ कारोबारियों की नासिक में दस्तक, 300-400 स्थानीय व्यवसायियों को नुकसान का डर

Nasik Noise Pollution Dj Restrictions: डीजे पर सख्ती के बाद बाहरी कारोबारी नासिक का रुख कर रहे हैं, जिससे 300-400 स्थानीय डीजे व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान और शहर में ध्वनि प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
Nashik Ganeshotsav DJ Business Local Traders
डीजे पर सख्ती के बाद बाहरी कारोबारी नासिक का रुखsocial media
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Nasik Dj Business Crisis Ganeshotsav : त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में सख्ती बढ़ने का असर अब नासिक के DJ व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है। सोलापुर समेत कुछ क्षेत्रों में DJ पर प्रतिबंध या कड़े नियम लागू होने के बाद वहां के DJ व्यवसायी अब नासिक के गणेश मंडलों में बुकिंग हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे शहर के करीब 300 से 400 स्थानीय DJ व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि बाहर से आने वाले कुछ DJ संचालकों के पास अत्यधिक तेज आवाज वाले ‘प्लाज्मा’ और ‘प्रेशर मिड’ जैसे साउंड सिस्टम हैं। यदि इनका इस्तेमाल गणेशोत्सव के दौरान किया गया तो निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन होने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण की समस्या भी बढ़ सकती है।

ध्वनि प्रदूषण पर राज्यभर में सख्ती

पुणे के विद्यानंद बापट द्वारा ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा उठाए जाने के बाद राज्य में इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ी है। नासिक सार्वजनिक गणेशोत्सव महामंडल के अध्यक्ष समीर शेट्ये ने बताया कि आगामी बैठक में गणेश मंडलों के साथ DJ के इस्तेमाल को लेकर चर्चा की जाएगी। फिलहाल शहर के किसी भी गणेश मंडल ने DJ का इस्तेमाल नहीं करने की घोषणा नहीं की है।

स्थानीय DJ व्यवसायियों ने तय किए नियम

नासिक ध्वनि व्यवसायी संघ ने भी ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अपनी ओर से कदम उठाया है। संघ ने अत्यधिक तेज आवाज वाले ‘प्लाज्मा’ और ‘प्रेशर मिड’ सिस्टम पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसके बजाय केवल ‘चार टॉप, चार बेस’ DJ सिस्टम का इस्तेमाल करने की बात कही गई है।

संघ के अध्यक्ष मंगेश पठानडे का कहना है कि DJ पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय सभी व्यवसायियों को निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करते हुए व्यवसाय करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

बाहरी सिस्टम से स्थानीय कारोबार को चुनौती

सोलापुर, सांगली और नवी मुंबई जैसे क्षेत्रों में सख्ती बढ़ने के बाद वहां के कुछ व्यवसायी नासिक के गणेश मंडलों से संपर्क कर रहे हैं। स्थानीय DJ व्यवसायियों को आशंका है कि यदि मंडलों ने बाहरी कारोबारियों को प्राथमिकता दी तो उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए उन्होंने गणेश मंडलों से नियमों का पालन करने वाले स्थानीय DJ व्यवसायियों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

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