नासिक की 2 महिला अपराधियों ने छुड़ाए पुलिस के छक्के, 1 महीने से फरार अब तक नहीं ढूंढ पाई पुलिस

Nashik Female Criminals Absconding: कल्पना खरात और निदा खान 1 महीने से फरार। पुलिस और SIT की टीमें नाकाम, अदालत ने निदा खान की जमानत याचिका की खारिज।
Kalpana Kharat Nida Khan Absconding
निदा खान और कल्पना खरात की तलाश में नासिक पुलिस अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Kalpana Kharat Nida Khan Absconding Nashik: नासिक में हाल के दिनों में हुए दो बड़े अपराधों ने देशभर का ध्यान खींचा है, लेकिन इन मामलों की मुख्य महिला संदिग्धों की गिरफ्तारी न होना पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। जालसाज अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात और टीसीएस की पूर्व कर्मचारी निदा खान, दोनों ने ही पिछले एक महीने से कानून की आंखों में धूल झोंक रखी है।

पहली संदिग्ध, कल्पना खरात, पर अवैध धन शोधन (Money Laundering) का मामला दर्ज है। शिरडी पुलिस ने उनके नासिक स्थित आवास पर छापा मारा और उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की है, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस ने उनके खिलाफ आधिकारिक नोटिस भी जारी किया है, फिर भी वह एक महीने से लापता हैं।

निदा खान और धर्मांतरण का मामला

दूसरी ओर, टीसीएस कंपनी में कार्यरत रहीं निदा खान पर एक महिला सहकर्मी का उत्पीड़न करने और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का गंभीर आरोप है। SIT की जांच में सामने आया है कि निदा ने पीड़िता के धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। निदा खान 25 मार्च से फरार हैं और SIT ने उनकी तलाश में मुंब्रा तक छापेमारी की, लेकिन वे वहां से पहले ही भागने में सफल रहीं।

  • कल्पना खरात: 31 मार्च से अवैध धन शोधन और धोखाधड़ी के मामले में फरार हैं; तीन जांच एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।
  • निदा खान: टीसीएस कंपनी में महिला के उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप; पिछले डेढ़ महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

अदालत ने नहीं दी राहत

निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक रोड सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अपने बचाव में उन्होंने गर्भवती होने का दावा किया था, लेकिन सरकारी पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने माना कि आरोपी से पूछताछ किए बिना जांच आगे नहीं बढ़ सकती और उनकी संलिप्तता के सबूतों को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

जांच टीमों के सामने बड़ी चुनौती

इन दोनों मामलों की जांच के लिए SIT और विशेष टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी सफलता न मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय और SIT की टीमें तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए इन दोनों महिला अपराधियों के संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com