ईरान-इजरायल तनाव का असर, जेएनपीटी पर फंसे हजारों कंटेनर, नासिक के किसानों को करोड़ों का संकट

Nashik Agriculture Export Crisis: ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के कारण JNPT पर हजारों कंटेनर फंस गए हैं। इनमें नासिक के अंगूर व प्याज के 150-200 कंटेनर शामिल हैं, किसानों को करोड़ों के नुकसान की आशंका है।
Iran-Israel tensions leave thousands of containers stranded at JNPT, leaving Nashik farmers in dire straits.
Nashik Iran Israel Conflict Impact ( सोर्स : शोसल मीडिया )
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Nashik Iran Israel Conflict Impact: नासिक इंरान और इजरायल अमेरिका गठबंधन के बीच बढ़ते संघर्ष और युद्ध की स्थिति का असर अब सीधे नासिक जिले की कृषि अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे ने जिले के नागरिकों की सुरक्षा और कृषि निर्यात पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।

नासिक देश का प्रमुख कृषि निर्यात केंद्र है, जहाँ से हर महीने हजारों टन अंगूर, प्याज, अनार और पपीता खाड़ी देशों को भेजा जाता है। वर्तमान तनाव के कारण समुद्री मार्गों में भारी बाधा आ रही है।

कंटेनरों की कतारः जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर दुबई जाने वाले लगभग 1000 से 1500 कंटेनर फंसे हुए हैं।

नासिक का हिस्साः इनमें से 150 से 200 कंटेनर अकेले नासिक जिले के किसानों और निर्यातकों के हैं।

सड़ने का डरः इन कंटेनरों में प्याज और अंगूर जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पाद हैं, यदि शिपिंग रूट जल्द नहीं खुले, तो किसानों को करोड़ों का आर्थिक झटका लगना तय है।

परदेस में फंसे अपनों की चिंता

खाड़ी के लगभग 14 देशों में यह संघर्ष चल रहा है, जहां 1 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। नासिक जिले के भी हजारों युवा वहां रोजगार और शिक्षा के लिए मौजूद हैं। बढ़ते मिसाइल हमलों और तनाव के कारण नासिक में रह रहे उनके परिजनों के बीच डर का माहौल है। सांसद वाजे ने मांग की है कि स्थिति बिगड़ने पर नागरिकों को सुरक्षित 'एयरलिफ्ट' करने के लिए पहले से तैयारी रखी जाए।

सांसद द्वारा सरकार के समक्ष रखी गई मुख्य मांगें

निगरानी तंत्रः खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए 24x7 निगरानी और सूचना तंत्र विकसित करना।

निर्यात समन्वयः शिपिंग और पोर्ट अथॉरिटी के साथ समन्वय कर कृषि उत्पादों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था।

आर्थिक राहतः निर्यात बाधित होने से प्रभावित होने वाले किसानों और व्यापारियों के लिए विशेष राहत पैकेज।

हेल्पलाइनः दूतावासों के माध्यम से भारतीय नागरिकों के लिए तत्काल हेल्पलाइन नंबर जारी करना।

रखाड़ी देशों में फंसे नागरिकों, छात्रों और श्रमिकों के परिवारों से हम लगातार संपर्क में हैं। उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से बात चल रही है।

इसके साथ ही हमारे किसानों और निर्यातकों पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है। सरकार को जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए, ताकि हमारे किसानों का नुकसान न हो।

-नासिक, सांसद, राजाभाऊ वाजे