कार नहीं, पानी टैंकर खरीदे: Nashik नगरसेविका की मिसाल, विलासिता छोड़ सेवा का रास्ता

Nashik Water Scarcity Corporator Initiative: नासिक की नगरसेविका प्रमिला कैलाश मैंद ने महंगी कार छोड़ दो पानी टैंकर खरीदकर जल संकट से जूझ रहे नागरिकों को राहत देने का अनूठा कदम उठाया।
Bought a Water Tanker, Not a Car: Nashik Corporator Sets an Example—Choosing the Path of Service Over Luxury
Nashik Water Scarcity Solution( Source: Social Media )
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Nashik Water Scarcity Solution: नासिक राजनीति में निर्वाचित होने के के बाद अक्सर जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता अपने काफिले में आलीशान और महंगी गाड़ियां शामिल करने की होती है।

हालांकि, नासिक की नवनिर्वाचित नगरसेविका प्रमिला कैलाश मैंद (उद्धव ठाकरे गुट) ने इस स्थापित परिपाटी को तोड़ते हुए समाजसेवा का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।

उन्होंने अपने लिए महंगी कार खरीदने के बजाय दो पानी के टैंकर खरीदकर उन्हें जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है। गर्मी की पिश बढ़ने साथ ही शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत गहराने लगती है। इस समस्या को भांपते हुए प्रमिला मैंद ने व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और विलासिता के ऊपर नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को चुना।

निजी खर्च से बुझा रहीं नागरिकों की प्यास

उन्होंने अपने निजी खर्च से दो टैंकर शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क जलापूर्ति की जा रही है। उनके इस निर्णय की मतदाताओं के बीच व्यापक सराहना हो रही है और लोग कह रहे हैं कि 'जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा'। आमतौर पर नगरसेवक बनने के बाद 'फॉर्च्यूनर' या वैसी ही महंगी गाड़ियां खरीदने की होड़ मची रहती है। ऐसे में एक महिला जनप्रतिनिधि द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। उद्धव ठाकरे गुट की इस नगरसेविका की यह पहल अन्य नगरसेवकों और जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक मार्गदर्शक और प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।

हमारा पहला फर्ज

है कि हम उस भरोसे पर खरे उतरें जिसके साथ लोगों ने हमे चुना है, कारें और सुविधाएं आती-जाती रहती है, लेकिन गर्मी में लोगों का गला न सूखे यही मेरी दिली इच्छा है। यह पहल लगातार जारी रहेगी।

-नगरसेविका, प्रमिला कैलाश मैंद

लोग चुने जाने के बाद अपने बंगले और कारों पर ध्यान देते हैं, लेकिन प्रमिला ताई ने हमारी पानी की समस्या हल कर दी। हमें गर्मियों में पानी के लिए भटकना पड़ता था। अब टैंकरों ने हमें बड़ी राहत दी है। उन्होंने सच में समाज सेवा की एक मिसाल कायम की है।

-स्थानीय नागरिक, उमेश शिंदे

राजनीति में अच्छे बदलाव लाने के लिए ऐसे फैसलों की जरूरत है। उन्होंने सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि समाज की सेवा करके अपने काम से खुद को साबित किया है। दूसरे जनप्रतिनिधियों को भी लोगों की जरूरतों को पहचानकर इसी तरह काम करना चाहिए।

- समाजसेवक, भगवान लोलगे

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