नासिक सीबीएस-त्र्यंबक नाका में अनैतिक व्यापार का आरोप, 20 परिवारों ने गृह मंत्रालय से लगाई गुहार

Nashik CBS Trimbak Naka Controversy: नासिक के सीबीएस–त्र्यंबक नाका क्षेत्र में कथित अनैतिक मानवीय व्यापार को लेकर नागरिकों ने पुलिस आयुक्त, राज्य व केंद्रीय गृह मंत्रालय को ई-मेल से शिकायत भेजी है।
Allegations of Immoral Trafficking at Nashik CBS-Tryambak Naka; 20 Families Appeal to the Ministry of Home Affairs
Nashik Illegal Human Trafficking( Source: Social Media )
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Nashik Illegal Human Trafficking: नासिक शहर के हृदय स्थल सीबीएस से त्र्यंबक नाका सिग्नल परिसर में पिछले कुछ महीनों से अनैतिक मानवीय व्यापार ने पैर पसार लिए हैं। स्थानीय पुलिस की कथित 'सांठगांठ' और अनदेखी से तंग आकर अब नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए परिसर के करीब 20 से 22 संभ्रांत परिवारों ने सीधे पुलिस आयुक्त, राज्य गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजकर गुहार लगाई है।

शिकायत के अनुसार, मुख्य सड़क पर दोनों ओर खुलेआम अनैतिक व्यापार के सौदे किए जा रहे हैं। विशेष रूप से इन क्षेत्रों में स्थिति भयावह है पुराना आगरा रोड स्थित महादेव कॉम्प्लेक्स से होटल माजदा तक।

बेला विस्टा सोसायटी से होटल सिटी पैलेस तक। इन क्षेत्रों में रात 7:30 बजे के बाद असामाजिक तत्वों, ग्राहकों और देह व्यापार करने वाली महिलाओं का जमावड़ा लग जाता है।

आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना बढ़ा

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले 6 महीनों से संबंधित पुलिस प्रभारियों को बार-बार सूचित किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, नागरिकों के बीच चर्चा है कि इस अवैध व्यवसाय को पुलिस का ही संरक्षण (अभय) प्राप्त है और पेट्रोलिंग केवल 'खानापूर्ति के लिए की जाती है।

इस अनैतिक व्यवसाय के कारण इलाके में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना बढ़ गया है। आए दिन होने वाले झगड़ी और शोर-शराबे ने परिवारों का जीना दूभर कर दिया है।

अंधेरा होने के बाद महिलाओं और बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस शिकायत पत्र पर इलाके के 22 प्रतिष्ठित नागरिकों के हस्ताक्षर हैं, जो व्यवस्था से आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें

प्रशासन को भेजे गए पत्र में नागरिकों ने निम्नलिखित मागे रखी है महिला पुलिसकर्मियो की मदद से इन अवैध अड्डों को तुरंत पूरी तरह नष्ट किया जाए। रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और सड़क पर जमा होने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो।

इस व्यवसाय को संरक्षण देने वाले बिचौलियों और दोषियों पर तुरंत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं। पुलिस आयुक्त कार्यालय ने इस निवेदन का संज्ञान लिया है। अब देखना यह है कि आयुक्त महोदय संबंधित थाना अधिकारियों की 'सुस्ती के खिलाफ क्या दंडात्मक कदम उठाते हैं।

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