नासिक के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, छात्रों में मची भगदड़, अभिभावकों में हड़कंप
Cambridge School Nashik: नासिक के केम्ब्रिज स्कूल में बम की फर्जी ईमेल से हड़कंप, 3500 छात्रों को हड़बड़ी में बाहर निकाला गया। भगदड़ में कई छात्र घायल, अभिभावकों में अफरा-तफरी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
नासिक के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, छात्रों में मची भगदड़, अभिभावकों में हड़कंप
Nashik News: इंदिरानगर के वडाला पाथर्डी रोड स्थित केम्ब्रिज स्कूल को सोमवार (15 सितंबर) को दोपहर करीब 12 बजे स्कूल के शौचालय परिसर में बम रखे जाने का ई-मेल आया। बाद में यह ई-मेल फेक होने की पुष्टि हुई। लेकिन, ई-मेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने हड़बड़ी में करीब साढ़े तीन हज़ार छात्रों को एक साथ बाहर निकाल दिया। इस निर्णय से छात्रों में भगदड़, अभिभावकों में अफरा-तफरी और पूरे परिसर में भारी अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला।
नर्सरी से बारहवीं तक पढ़ने वाले सभी छात्रों को बिना कुछ बताए अचानक कक्षा से बाहर निकाल दिया गया। प्रांगण के कीचड़भरे मैदान से दौड़ते हुए कई छात्रों के पैर फिसले। कुछ छात्र गिरे, कीचड़ में सने, तो कुछ को मामूली चोटें भी आईं। स्कूल से बाहर निकलते समय भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी।
अभिभावकों में मची अफरा-तफरी
इसी बीच, स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को तुरंत फोन कर बच्चों को ले जाने के लिए कहा। अचानक फोन आने पर सैकड़ों अभिभावक स्कूल की ओर दौड़े। अपने बच्चों को ढूँढ़ते समय अभिभावकों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ अभिभावक रोने लगे तो कईयों की आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। दो से ढाई बजे तक अभिभावक स्कूल के बाहर बच्चों को लेने के लिए भाग-दौड़ करते दिखे। स्कूल परिसर में डर, अव्यवस्था और तनावपूर्ण वातावरण था। ट्रैफिक जाम ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।
सम्बंधित ख़बरें
प्रयागराज शंकराचार्य विवाद: पूर्व CBI डायरेक्टर की रिपोर्ट ने योगी सरकार पर उठाए बड़े सवाल, जानें क्या कहा
देशभक्ति की आड़ में देश से कुछ छिपा रही है मोदी सरकार…सोना ना खरीदने की अपील पर बोले ओवैसी
NEET Exam Cancelled 2026: एक पेपर लीक से सरकार को कितने सौ करोड़ का नुकसान? रकम जान उड़ जाएंगे होश- VIDEO
अशोक खरात मामले में पत्नी कल्पना की मुश्किलें बढ़ीं; कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
घटनास्थल पर पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड पहुँचे। गहन जाँच के बाद कोई बम न मिलने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बताया कि यह ई-मेल फेक था। बावजूद इसके अचानक भगदड़ में छात्रों और अभिभावकों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि छात्रों को एक साथ बाहर निकालने से ही गड़बड़ी बढ़ी। “यदि स्कूल को चरणबद्ध तरीके से खाली कराया गया होता तो इतना हंगामा नहीं होता,” ऐसी नाराज़गी अभिभावकों ने जताई। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की निर्णय क्षमता पर सवाल खड़े हो गए।
यह भी पढ़ें- बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना; मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र में अगले 4 दिनों तक बारिश
क्या कहा पुलिस ने?
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक तृप्ति सोनवणे ने कहा, “संबंधित इंग्लिश मीडियम स्कूल को बम होने का ई-मेल प्राप्त हुआ। यह जानकारी मिलते ही ‘एसओपी’ के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जब तक बीडीडीएस और स्थानीय पुलिस स्कूल पहुँचे, तब तक प्रबंधन ने छात्रों को छुट्टी दे दी थी। इस संदर्भ में पुलिस ने केवल सतर्कता बरतने का निर्देश दिया था। स्कूल में बम या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फेक ई-मेल से यह अव्यवस्था हुई है, जिसकी जाँच जारी है। यह ‘मॉक ड्रिल’ नहीं था, नागरिक अफवाह न फैलाएँ।”
