पाचवें केस में 23 अप्रैल तक जेल की रोटी, नासिक की SIT ने कसी ढोंगी खरात पर नकेल

Nashik Ashok Kharat Case Update: नासिक के भोंदू बाबा अशोक खरात को 23 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी। SIT और ED की जांच में रिमोट कंट्रोल सांप और 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा। पढ़ें पूरा घटनाक्रम।
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अशोक खरात (सोर्स: साशल मीडिया)
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Nashik Ashok Kharat Case: ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की परतें हर बीतते दिन के साथ और गहरी होती जा रही हैं। रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में सरकारी वकील ने दलील दी कि खरात महिलाओं को नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ अनाचार करता था। हालांकि आरोपी के वकीलों ने कस्टडी का विरोध किया, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता और पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसे 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

20 फुट का सांप और नकली चमत्कार

SIT की जांच में खरात द्वारा भक्तों को ठगने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फिल्म जैसे 'इफेक्ट्स' का पर्दाफाश हुआ है भक्तों के मन में डर पैदा करने के लिए खरात 20 फुट लंबे एक रिमोट कंट्रोल सांप का इस्तेमाल करता था। वह इसे इस तरह घुमाता था कि भक्त उसे असली चमत्कार मानकर डर जाते थे। चमत्कार का नाटक करने के लिए वह दुर्लभ जड़ी-बूटियों और हिरण की कस्तूरी जैसे अवैध पदार्थों का इस्तेमाल कर लोगों को अपनी जाल में फंसाता था। जांच में खरात के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ करीबी संबंधों के फोटो और सबूत सामने आए हैं, जो अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

ED की छापेमारी और करोड़ों की संपत्ति

अशोक खरात केवल यौन शोषण ही नहीं, बल्कि आर्थिक धोखाधड़ी का भी उस्ताद था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नासिक, पुणे और शिरडी समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी की है। अनुमान है कि खरात की बेनामी संपत्ति का आंकड़ा 500 करोड़ रुपये को भी पार कर सकता है। उसके कार्यालय को सील कर दिया गया है और वहां से भारी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।

घटनाक्रम: गिरफ्तारी से अब तक

  • 17 मार्च: अशोक खरात को रात 11 बजे पहली बार गिरफ्तार किया गया।
  • 21 मार्च: इस मामले की आंच में राष्ट्रवादी कांग्रेस की नेता रूपाली चाकणकर ने महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
  • 26 मार्च: 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज।
  • 13 अप्रैल: ED की एंट्री और 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी।
  • 17 अप्रैल: शिवनीका संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र शेलके और उनकी पत्नी की सड़क दुर्घटना में रहस्यमयी मृत्यु, जिससे मामले में नया मोड़ आया।
  • 19 अप्रैल: पांचवें अपराध में कस्टडी मंजूर; पत्नी कल्पना अब भी फरार।
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