ई-केवाईसी की तकनीकी खामी से वंचित न हों आंगनवाड़ी महिलाएं, लाडली बहन योजना की मांग तेज
Ladli Behna Yojana: नासिक में आंगनवाड़ी हेड सेवरेट, सेविका व सहायिकाओं को लाडली बहन योजना का लाभ देने की मांग तेज हुई है। ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतों से आवेदन निरस्त न हों, इसकी अपील की गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
Nashik Anganwadi Workers: नासिक महानगरपालिका के तहत आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट में कार्यरत हेड सर्वेट, सेविका और सहायिकाओं (हेल्पर) के लिए लाडली बहन योजना का लाभ सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है। जीवन केशरी मराठी, नासिक ने प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि इ-केवाईसी प्रक्रिया में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण इन महिलाओं के आवेदन निरस्त नहीं होने चाहिए।
आंगनवाड़ी में काम करने वाली ये महिलाएं स्थायी या नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि बहुत कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस लिहाज से वे लाडली बहन योजना की पूरी तरह से योग्य लाभार्थी हैं। जीवन केशरी मराठी समूह का कहना है कि इ-केवाईसी प्रोसेस के दौरान सिस्टम की खामियों और स्पष्ट सिंटैक्स न होने की वजह से कई महिलाओं के आवेदन रिजेक्ट होने का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन को सौंपी गई प्रमुख मांगें
फैक्ट रिपोर्ट की तैयारी मनपा प्रशासन आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट में काम करने वाली महिलाओं के आधार कार्ड, पैन कार्ड और नामों की एक आधिकारिक सूची तैयार करे। तैयार की – गई जानकारी के आधार पर सरकार को एक विस्तृत फैक्ट रिपोर्ट भेजी जाए ताकि इन महिलाओं को योजना का निरंतर – लाभ मिल सके।
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यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल – तकनीकी गलतियों के कारण कोई भी योग्य लाभार्थी इस – वित्तीय सहायता से वंचित न रह जाए। जीवन केशरी – मराठी समूह ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी – योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों की आर्थिक – मदद करना होता है। तकनीकी समस्याएं लाभार्थियों – के हक में बाधा नहीं बननी चाहिए।
