कागजों पर दौड़ रही 10 Lane Road! 222 करोड़ रूपऐं की द्वारका-नासिकरोड 10 लेन सड़क का काम अटका

Nashik 10 Lane Road Project: सिंहस्थ कुंभ से पहले द्वारका चौक-नासिकरोड 10 लेन सड़क के लिए 222 करोड़ मंजूर हुए, लेकिन टेंडर रद्द होने से काम अटका है और अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है।
Nashik 10 Lane Road Project Delayed
10 लेन सड़क का काम अब तक ठप(सोर्स: AI)
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Nashik Road Project Delayed: सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण द्वारका चौक से नासिकरोड तक दस लेन सड़क का काम अब तक कागजों पर ही है।

222 करोड़ रुपए की निधि मंजूर हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रत्यक्ष काम शुरू नहीं हो पाया है। महानगरपालिका द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया रद्द किए जाने के बाद अब केंद्रीय सड़क विकास मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल तकनीकी जांच चल रही है।

बिना कोई कारण बताए पूरी टेंडर प्रक्रिया रद्द

नासिक-पुणे राष्ट्रीय महामार्ग पर द्वारका चौक से नासिकरोड स्थित दत्तमंदिर तक करीब 6।4 किलोमीटर मार्ग को दस लेन करने के लिए केंद्र सरकार ने फरवरी में 222 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। मौजूदा 22 मीटर सड़क के साथ अतिरिक्त 23 मीटर चौड़ाई बढ़ाकर मार्ग विकसित करने की योजना है।

इस परियोजना में नासर्डी नदी पर बने पुलों के चौड़ीकरण का काम भी शामिल है। निधि मंजूर होने के बाद महानगरपालिका ने मार्च में टेंडर जारी किया था। पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण तीन बार समयावधि बढ़ाई गई।

23 जून को तकनीकी निविदा खोली गई, जिसमें नौ निविदाएं पात्र पाई गईं। हालांकि, वित्तीय निविदा खोलने की प्रक्रिया बाकी थी, तभी 30 जुलाई को महानगरपालिका ने बिना कोई कारण बताए पूरी टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी।

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राज्य सरकार निधि उपलब्ध कराएगी

इसके बाद केंद्रीय सड़क विकास मंत्रालय के मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद वित्तीय निविदा खोली जाएगी। इसके बाद कार्यादेश जारी किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को देखते हुए प्रत्यक्ष काम शुरू होने में अक्टूबर तक का समय लगने की संभावना है।

इस बीच, इस मार्ग के प्रमुख चौराहों पर पुल या फ्लाईओवर की व्यवस्था नहीं होने से दस लेन सड़क बनने के बाद भी यातायात जाम की समस्या कायम रहने की आशंका है। विधायक देवयानी फरांदे ने सिंहस्थ समीक्षा बैठक में यह मुद्दा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाया था। केंद्र से निधि उपलब्ध नहीं होने पर राज्य सरकार निधि उपलब्ध कराएगी, ऐसा मुख्यमंत्री ने उस समय स्पष्ट किया था।

सिंहस्थ से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण अस्तित्व में होने के बावजूद इस सड़क का काम महानगरपालिका ने अपने स्तर पर लिया। अब टेंडर प्रक्रिया के फेर में परियोजना उलझ गई है। ऐसे में सिंहस्थ से पहले इस सड़क का प्रत्यक्ष काम आखिर कब शुरू होगा? यह सवाल कायम है।

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