

Nashik Municipal Corporation: मानसून की पहली मूसलाधार बारिश के बाद नासिक महानगरपालिका (मनपा) के 'मानसून-पूर्व टास्कफोर्स' की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिन नालों की सफाई और चेंबर मरम्मत का ढिंढोरा मनपा प्रशासन द्वारा पीटा गया था, हकीकत में वे दावे मंगलवार की बारिश के बाद खोखले साबित हुए हैं। बीते पांच दिनों से यह टास्कफोर्स पूरी तरह नदारद है, जिससे शहर के कई वाडों में स्वच्छता अभियान अधर में लटक गया है।
जुलाई की शुरुआत में अतिरिक्त आयुक्त के नेतृत्व में सभी 6 मंडलों के लिए वार्डवार 'मानसून पूर्व टास्कफोर्स' का गठन किया गया था। शुरुआती दिनों में यह अभियान काफी सक्रिय रहा, लेकिन मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रशासन की पूरी मशीनरी निष्क्रय हो गई।
हालत यह है कि बुधवार को जब अधिकारी और कर्मचारी मौके से गायब थे, तो कई क्षेत्रों में पार्षदों ने खुद मोर्चा संभाला। कहीं श्रमदान से तो कहीं निजी खर्च से पार्षदों ने जल निकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई।
काम के दावों वाले इलाकों में ही सबसे ज्यादा जलजमाव सबसे चिंताजनक बात यह है कि टास्कफोर्स ने जिन इलाकों में कार्य पूरे करने का दावा किया था, बारिश के दौरान सबसे अधिक जलजमाव और गंदगी का सामना उन्हीं इलाकों के निवासियों को करना पड़ा।
तय कार्यक्रम के अनुसार, 10 जुलाई से पंचवटी, नासिक पूर्व, नासिक रोड, सिडको और सातपुर मंडलों के वार्ड क्रमांक 4, 23, 21, 29 और 26 में अभियान शुरू होना था। लेकिन सूत्रों के अनुसार, किसी भी वार्ड में टास्कफोर्स का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस अभियान को बिना किसी आधिकारिक सूचना के बीच में ही बंद कर दिया गया है।
हमे आश्वासन दिया गया था कि बार्ड क्रमांक 4 में टास्कफोर्स के माध्यम से मानसून-पूर्व कार्य किए जाएंगे, लेकिन जब भारी बारिश हुई, तब भी मनपा का कोई अधिकारी या कर्मचारी यहां नहीं भटका, वार्ड की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई है।
- पार्षद, वार्ड क्रमांक 4, सरिता सोनवणे