31 हजार करोड़ का कर्ज, फसलें तबाह, प्याज की मार...सरकार को मनसे का अल्टीमेटम!

Maharashtra Farmers: मनसे ने किसानों की समस्याओं को लेकर नाशिक में आंदोलन किया। कर्जमाफी, ओला सूखा और प्याज के हमीभाव की मांग करते हुए सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी।
mns-farmers-protest-loan-waiver-onion-crisis-nashik-demands
31 हजार करोड़ का कर्ज, फसलें तबाह, प्याज की मार...सरकार को मनसे का अल्टीमेटम!
Updated on

Nashik News: राज ठाकरे और अमित ठाकरे के आदेशानुसार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने राज्यभर में किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन छेड़ा। नाशिक में आयोजित आंदोलन के दौरान मनसे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी जलज शर्मा को निवेदन सौंपा। निवेदन में कहा गया कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने किसानों को सर्वांगीण कर्जमाफी का आश्वासन दिया था। परंतु यह वादा पूरा नहीं हुआ।

पिछले वर्ष सूखे के कारण उत्पादन घटा, वहीं इस वर्ष बाजार भाव गिरने से किसानों पर लगभग 31 हजार करोड़ रुपये का पीक कर्ज थकीत है। निवेदन में आगे कहा गया कि उत्पादन खर्च बढ़ा लेकिन कपास व सोयाबीन जैसे फसलों के अपेक्षित दाम नहीं मिले। वर्तमान में बाजार भाव इतना कम है कि किसान उत्पादन लागत भी निकाल नहीं पा रहे। इससे किसान कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। कर्ज थकल्याने किसानों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से जकड़ गई है।

इसके अलावा हाल ही में हुई भारी बारिश ने 30 जिलों में तबाही मचाई। 17 लाख 85 हजार हेक्टर क्षेत्र प्रभावित हुआ और लाखों हेक्टर जमीन पानी में डूब गई। फसल पंचनामे तक नहीं हो रहे, जिससे किसानों का संकट और बढ़ गया है। विशेष रूप से प्याज उत्पादक किसान गहरे संकट में हैं। उत्पादन लागत और बाजार भाव में भारी अंतर होने से नुकसान बढ़ा है। नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा बाजार में उतारे गए प्याज से दाम और गिरे। सरकार के असंगत आयात-निर्यात नीति के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा। निवेदन में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाए तो मनसे पूरे राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगी और सरकार-प्रशासन को सड़कों पर उतरने नहीं देगी।

मनसे की प्रमुख मांगें

  • राज्य में ओला दुष्काळ घोषित कर तत्काल कर्जमाफी की जाए।
  • जिरायत और फलोत्पादन पिकों के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये और बागायत पिकों के लिए 1.5 लाख रुपये की मदद दी जाए।
  • गीले सूखे में मृत किसानों के परिवार को 10 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
  • मृत पशुओं के लिए प्रति पशु 75 हजार रुपये की सहायता।
  • जमीन बहकर गई हो तो प्रति एकड़ 1 लाख रुपये की मदद।
  • घरों की क्षति पर घरकुल योजना के तहत पक्का घर दिया जाए।
Navbharat Live
navbharatlive.com