नासिक समेत कई जिलों के प्याज किसानों को राहत देने की तैयारी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए निर्देश

Nashik Onion Farmers Issue: महाराष्ट्र में प्याज किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समीक्षा बैठक की और दीर्घकालीन नीति बनाने के निर्देश दिए।
Preparations Underway to Provide Relief to Onion Farmers in Several Districts, Including Nashik; Chief Minister Devendra Fadnavis Issues Directives.
Maharashtra Onion Price Policy( Source: Social Media )
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Maharashtra Onion Price Policy: नासिक राज्य में प्याज उत्पादक किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई स्थित विधानभवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

मुख्यमंत्री ने हर साल प्याज के दामों में होने वाले भारी उत्तार-चढ़ाव को रोकने और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए तात्कालिक और दीर्घकालीन नीतियां बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

उच्चस्तरीय समिति का गठन और जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कृषि, वित्त और विपणन विभाग के अपर मुख्य सचिवों व सचिवों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति किसानों को तुरंत राहत देने के उपाय सुझाएगी। अगले दो से तीन महीनों में प्याज के लिए एक ठोस दीर्घकालीन नीति तैयार की जाएगी। नासिक, पुणे, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे जिलों में 'क्रॉप डायवर्सिफिकेशन' (फसल विविधीकरण) की संभावनाओं की भी जांच की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ होगी बैठक

मुख्यमंत्री फडणवीस ने जानकारी दी कि प्याज के निर्यात को बढ़ावा देने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए वे जल्द ही केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने जोर दिया है बढ़ते उत्पादन को देखते हुए नई वैश्विक बाजारपेठ तलाशना समय की मांग है। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विभिन्न विभागों के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे,

भुजबल ने उठाई अनुदान व समर्थन मूल्य की मांग

बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने किसानों की व्यथा को मजबूती से रखा। वर्तमान में उत्पादन लागत 1500 रुपये से अधिक है, जबकि बाजार में भाव 800-1000 रुपये ही मिल रहा है।

इसलिए उन्होंने 500 रुपये प्रति क्विंटल तत्काल अनुदान देने की मांग की। लागत के आधार पर न्यूनतम 2,250 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने का प्रस्ताव रखा गया।

केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर एक स्पष्ट और स्थिर निर्यात नीति बनाने की आवश्यकता जताई गई ताकि व्यापारियों और किसानों को अनिश्चितता से बचाया जा सके।

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