नासिक इस्कॉन में धूमधाम से मनाया गया श्रीराधाष्टमी महोत्सव, भक्तों की रही भारी भीड़
अंतररार्ष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ यानी इस्कॉन मंदिर में रविवार के दिन श्री राधारानी का प्राकृट्योत्सव का त्योहार मनाया गया। जिसमें इस्कॉन अमरावती के अध्यक्ष अनंत शेष प्रभु ने विशेष प्रवचन दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
इस्कॉन नासिक (सौ. सोशल मीडिया )
Nashik News In Hindi: अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ यानी इस्कॉन मंदिर में रविवार, 31 अगस्त को श्रीराधाष्टमी महोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पूरे उत्साह से मनाया गया। वृंदावन सहित दुनिया भर के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा त्योहार होता है।
इस उत्सव में बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे, महोत्सव के लिए गर्भगृह की सुंदर गणमालाओं से सजाया गया था। श्री श्री राधा मदन गोपाल की मूर्तियों को वृंदावन से लाए गए विशेष पोशाक पहनाए गए और विभिन्न फूलों और आभूषणों से उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस दिव्य दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
प्रवचन और अभिषेक किए गए
महोत्सव की शुरुआत सुबह 5 बजे मंगल आरती से हुई, जिसके बाद हरे कृष्ण महामंत्र का जप, दर्शन आरती और श्रीमद्भगवत प्रवचन हुआ। दिन भर भजन और कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, राधाष्टमी महोत्सव के लिए इस्कॉन के वरिष्ठ प्रचारक, विदर्भ क्षेत्र पर्यवेक्षक और इस्कॉन अमरावती के अध्यक्ष अनंत शेष प्रभु विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रभुर्जी ने शनिवार को अपने प्रवचन की शुरुआत ‘राधे जय जय माधव दपिते’ और रविवार को राधाकृपाकटाक्ष गाकर की।
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सफल आयोजन में इनका रहा योगदान
सफल आयोजन के लिए मंदिर के अध्यक्ष कृष्णाधन प्रभु, उपाध्यक्ष सहखशीर्ष विषा प्रमुख गोपालानंद प्रभु, जावट प्रमुख सार्वभीमकृष्ण प्रभु, सेवा मुख गरस कृष्ण प्रभु रणधीरकृष्ण प्रभु कुंदरस प्रभु राजा रणछोड़ प्रभु, अक्षय डके, बलरामचंद्र प्रभु, तुलसी सेविका ताजी, पूर्ण शक्ति माताजी, प्रिया गोरे बतावी, सत्यभामा कुमारी माताजी और अन्य कृष्ण भक्तों ने अथक परिश्राम किया।
महाअभिषेक के बाद प्रसाद वितरण
- प्रवचन के बाद, राधा मदन गोपालजी की उत्सव मूर्तियों का पंचामृत और विभिन्न प्रकार के फलों के रसों से अभिषेक किया गया, और चरणामृत भक्तों में वितरित किया गया,
- इसके बाद, श्रीराधा-कृष्ण की मूर्तियों की महाआरती की गई और भक्तों द्वारा तैयार किए गए कुल 108 पकवानों का भोग लगाया गया।
दर्शन के लिए आए सभी भक्तों को महाप्रसाद भी वितरित किया गया। इस दिव्य और आनंदमय राधाष्टमी उत्सव का समापन शाम को गौर आरती, भजन और कीर्तन के साथ हुआ, जिसके बाद सभी के लिए महाप्रसाद का वितरण किया गया। - शहर और शहर के बाहर से भी बड़ी संख्या में भक्त श्रीराधा-कृष्ण के दर्शन के लिए उमड़े। पूरा मंदिर भक्तों की उपस्थिति से भरा हुआ था।
