नासिक के देवलाली में तोपों का तोपों से प्रदर्शन करते भारतीय जवान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Indian Army Exercise Topchi: महाराष्ट्र के नासिक स्थित देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज बुधवार को उस वक्त थर्रा उठी, जब भारतीय सेना की तोपखाना रेजिमेंट ने अपने वार्षिक अभ्यास ‘एक्सरसाइज तोपची’ का आगाज़ किया। इस दौरान अत्याधुनिक हथियारों, टोही विमानों और स्वदेशी तोप प्रणालियों ने अपनी अचूक मारक क्षमता और युद्ध कौशल का लोहा मनवाया।
भारतीय सेना अब ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और इसकी सीधी झलक ‘एक्सरसाइज तोपची’ में देखने को मिली। अभ्यास के दौरान के-9 वज्र (K-9 Vajra) और M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर जैसी शक्तिशाली तोपों ने जब आग उगलना शुरू किया, तो मीलों दूर तक जमीन कांपती महसूस हुई। इन हथियारों के साथ-साथ रेजिमेंट ने पूरी तरह से भारत में निर्मित तोपखाना प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया, जो भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।
“𝐅𝐢𝐫𝐞 𝐏𝐨𝐰𝐞𝐫 𝐄𝐱𝐞𝐫𝐜𝐢𝐬𝐞 𝐓𝐎𝐏𝐂𝐇𝐈 2026 𝐚𝐭 𝐒𝐜𝐡𝐨𝐨𝐥 𝐨𝐟 𝐀𝐫𝐭𝐲” Firepower Exercise TOPCHI for the year 2026 at Devlali Field Firing Ranges was witnessed by students of DSSC Wellington, DSTSC, MILIT Pune and Nepal Army Staff College on 21 Jan 2026. The… pic.twitter.com/HDVcuccNBJ — Army Training Command, Indian Army (@artrac_ia) January 21, 2026
केवल भारी तोपें ही नहीं, बल्कि इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर भी नजर आई। सेना ने निगरानी के लिए उन्नत ड्रोन तकनीक, अत्याधुनिक रडार और विमानन साजोसामान का इस्तेमाल किया। तोपों और मोर्टार की गोलाबारी के बीच, ड्रोन के माध्यम से सटीक लक्ष्यों की पहचान और उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया। कमेंट्री के दौरान बताया गया कि इनमें से कई हथियारों का सफल उपयोग ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे विभिन्न संघर्षों में पहले भी किया जा चुका है।
Nashik, Maharashtra: Exercise TOPCHI 2026, the annual flagship firepower demonstration of the Regiment of Artillery, was held at Devlali’s School of Artillery Field Firing Ranges, led by Lt. Gen. Navneet Singh Sarna pic.twitter.com/5w1GKpWiGY — IANS (@ians_india) January 21, 2026
युद्ध की स्थिति में पैदल सेना और हवाई मदद के तालमेल को दिखाने के लिए भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट के जांबाज जवानों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। ‘पैरामोटर’ और ‘हैंग-ग्लाइडर’ के साथ आकाश से उतरते कमांडो ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि सेना न केवल जमीन पर, बल्कि आसमान से भी दुश्मन पर वार करने के लिए हर पल तैयार है।
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इस भव्य आयोजन का नेतृत्व स्कूल ऑफ आर्टिलरी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नवनीत सिंह सरना ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी रहे।
संबोधन के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सरना ने कहा कि यह अभ्यास भारतीय तोपखाने की पेशेवर दक्षता और परिचालन उत्कृष्टता का एक सशक्त प्रमाण है। यह हमारी युद्धक तत्परता, तकनीकी सुधार और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण की दिशा में बढ़ते कदमों को मजबूती से रेखांकित करता है।