नासिक में प्याज आंदोलन के दौरान हर्षवर्धन सपकाल की फिसली जुबान; पीएम मोदी और फडणवीस को कहे अपशब्द

Harshwardhan Sapkal Firing Statement: नासिक में प्याज आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने पीएम मोदी और फडणवीस के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
Harshwardhan Sapkal
हर्षवर्धन सपकाल की फिसली जुबान (फोटो क्रेडिट-X)
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Harshwardhan Sapkal on Modi And Fadnavis: महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई है। नासिक के चांदवड़ में किसानों ने प्याज के लिए 24 रुपये प्रति किलोग्राम के न्यूनतम गारंटीकृत मूल्य और बेचे गए प्याज पर 15 रुपये की सब्सिडी की मुख्य मांगों को लेकर हाईवे जाम कर दिया था। आंदोलन को धार देने पहुंचे कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मंच से बोलते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहद आक्रामक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके लिए 'बेईमान' और 'नालायक' जैसे शब्दों का प्रयोग किया।

हर्षवर्धन सपकाल ने अपने भाषण में कहा कि साल 2014 में मनमोहन सिंह सरकार के समय प्याज के जो दाम 3000 रुपये थे, वे आज इस सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरी तरह गिर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी 'गद्दार' और 'खोटा' कहते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पहले प्याज की कीमत 2400 रुपये देने का वादा किया था और अब पलटकर 1200 रुपये की बात कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय नीति और पड़ोसी देशों से संबंध पर साधा निशाना

भाषण के दौरान सपकाल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जब भारत से प्याज मांग रही थीं, तब केंद्र सरकार ने निर्यात पर अचानक रोक लगा दी। इसके कारण बांग्लादेश, श्रीलंका और ईरान जैसे देशों ने भारत से प्याज खरीदना बंद कर दूसरे देशों का रुख कर लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 'भांडकुदळ' (झगड़ालू) बताते हुए कहा कि जब तक केंद्र में यह सरकार है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई भी देश भारत के किसानों का प्याज आयात करने को तैयार नहीं होगा।

चांदवड़ हाईवे पर पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प

एक तरफ जहां मंच से भड़काऊ भाषण दिए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ हाईवे पर आंदोलनकारियों का गुस्सा अनियंत्रित हो गया। सैकड़ों की तादाद में किसान सड़कों पर खड़ी गाड़ियों की ओर दौड़ पड़े और कुछ गाड़ियों की हवा निकालने की कोशिश की गई। माहौल बिगड़ता देख जब स्थानीय पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और हाईवे खाली कराने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। लगभग दो घंटे तक चले इस भारी तनाव के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया।

महायुति ने जताई कड़ी आपत्ति, कई बड़े नेता पुलिस कस्टडी में

देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए इस तरह की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति (BJP-शिवसेना-NCP) के नेताओं ने कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी को आड़े हाथों लिया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने इसे कांग्रेस की हताशा और 'निम्न स्तर की राजनीति' करार दिया है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हाईवे जाम करने के आरोप में पुलिस ने एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे और विवादित बयान देने वाले हर्षवर्धन सपकाल को हिरासत में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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