सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन से बदलेगी नासिक की सूरत; पर्यावरण संरक्षण के साथ युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का मौका

Solar EV Charging Stations: नासिक में सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। 'अमृत' योजना के तहत यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ युवाओं और नागरिकों को स्वरोजगार का अवसर भी देगी।
Solar EV charging stations to transform the face of Nashik; youth to gain self-employment opportunities alongside environmental conservation.
नासिक ईवी चार्जिंग, सौर ऊर्जा, अमृत योजना,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Updated on

Nashik Solar EV Charging: नासिक जिले में इलेट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते चलन और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, राज्य सरकार की 'अमृत' संस्था ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत अब राज्य भर में सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए स्वरोजगार का एक सुनहरा अवसर भी है,

क्या है यह योजना और इसके लाभ ?

'अमृत' ईवी चार्जिंग योजना के माध्यम से सरकार उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए संपूर्ण इकोसिस्टम प्रदान कर रही है। इसमें शामिल हैं- योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट गाइडेंस और व्यावसायिक सलाह दी जाएगी।

ईवी स्टेशन की स्थापना के अलावा, मेंटेनेंस, ग्रीन एनर्जी सेवा, तकनीकी सहायता और फ्रैंचाइजी मॉडल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के मौके मिलेंगे। युवा, महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, एमएसएमई उद्योग, किसान उत्पादक कंपनियां, सहकारी संस्थाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक इसके लिए पात्र हैं।

ये स्टेशन प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देंगे

सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशन न केवल बिजली की बचत करेंगे, बल्कि प्रदूषण मुक्त परिवहन को भी बढ़ावा देंगे। यह' ग्रीन एनर्जी' क्षेत्र में भविष्य का सबसे बड़ा व्यवसाय साबित हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में चार्जिंग हब स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ सकेंगे।

इलेवट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाना समय की मांग है। इस योजना से युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्र के इच्छुक लोगों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का मौका मिलेगा, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और ब्याज रिफंड के माध्यम से उद्यमियों को बढ़ावा देने का सरकार का प्रयास है।

- 'अमृत' जिला व्यवस्थापक, दीपक गुप्ता

Navbharat Live
navbharatlive.com