नासिक में गोदाघाट पर महिला श्रद्धालुओं से कपड़े बदलने के नाम पर 20 रुपये की अवैध वसूली, मनपा मौन

Nashik Kumbh Mela News: नासिक के गोदाघाट पर अधिक मास में उमड़ी महिला श्रद्धालुओं की भीड़ से कपड़े बदलने के एवज में ₹20 की अवैध वसूली का मामला आया सामने। मनपा अतिक्रमण विभाग की चुप्पी पर सवाल।
Illegal changing rooms at Nashik's Godaghat are charging women pilgrims Rs 20 under the nose of the municipal corporation, sparking outrage among local devotees.
नासिक गोदाघाट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nashik Godavari Ghat Illegal Recovery News: आगामी सिंहस्थ कुंभमेला के मद्देनजर पंचवटी के गोदाघाट क्षेत्र में इस समय करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहद महत्वाकांक्षी 'रामकाल पथ' का निर्माण भी किया जा रहा है।

हालांकि, एक तरफ जहां करोड़ों के विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसी इलाके में कपड़े बदलने के नाम पर महिला श्रद्धालुओं से सरेआम अवैध वसूली का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विशेष बात यह है कि पंचवटी विभागीय कार्यालय का अतिक्रमण विभाग इस ओर अर्थपूर्ण चुप्पी साधे हुए है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में जोरों पर है।

अधिक मास में लगातार बढ़ रही भक्तों की भीड़

वर्तमान में अधिक मास चलने के कारण पवित्र गोदावरी नदी में स्नान के लिए देश के कोने-कोने और राज्यभर से भारी संख्या में श्रद्धालु पंचवटी पहुंच रहे हैं। गोदाघाट पर प्रतिदिन स्नान के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। नियमानुसार, प्रशासन को गोदाघाट पर महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन सरकारी तंत्र की इसी लापरवाही का फायदा एक अतिक्रमणकारी ठेला चालक ने उठाया है।

बनाया निजी चेंजिंग रूम

इस चालक ने गोदाघाट परिसर में बाकायदा अपना निजी चेंजिंग रूम खड़ा कर लिया है। नदी में स्नान कर लौटने वाली महिला श्रद्धालुओं के पास कपड़े बदलने का कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण उन्हें मजबूरी में इस निजी रूम का उपयोग करना पड़ रहा है। मजबूरी का फायदा उठाकर यह चालक प्रत्येक महिला से कपड़े बदलने के एवज में 20 रुपये की अवैध वसूली कर रहा है।

अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि जिस नासिक गोदाघाट पर मनपा का अतिक्रमण उन्मूलन दस्ता और स्वच्छता निरीक्षक लगातार गश्त पर रहते हैं, वहां यह अवैध धंधा इतने बड़े पैमाने पर कैसे फल-फूल रहा है? स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के अनुसार, यह सब पंचवटी विभागीय कार्यालय के अतिक्रमण विभाग की आंखों के सामने हो रहा है।

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