Nashik: ब्लड बैंकों पर सख्ती, अब हर यूनिट का ऑनलाइन हिसाब, पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
Nashik Blood Bank Registration: केंद्र ने ब्लड बैंकों के लिए ई-रक्तकोष पर पंजीकरण अनिवार्य किया। अब हर यूनिट का ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा, गड़बड़ी पर लाइसेंस रद्द हो सकता है।
- Written By: अंकिता पटेल
ई-रक्तकोष पोर्टल( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik e-Raktkosh Portal: नासिक देशभर की ब्लड बैंकों (रक्तपेडियों) की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा डिजिटल सुधार किया है। सेंट्रल इग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों के लिए ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया है। इस प्रणाली के लागू होने से अब रक्त की एक-एक यूनिट का हिसाब ऑनलाइन रहेगा।
पोर्टल अब निरीक्षण का अनिवार्य हिस्सा
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ‘ई-रक्तकोष’ को अब प्रत्यक्ष निरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बना दिया गया है डुग इंस्पेक्टर निरीक्षण के दौरान पोर्टल पर दर्ज डिजिटल डेटा और ब्लड बैंक के वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे।
यदि डेटा में कोई गड़बड़ी या विसंगति पाई जाती है। तो ब्लड बैंक के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य के लाइसेंसिंग अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर अपनी अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
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मरीजों और परिजनों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर इमरजेंसी या सर्जरी के समय परिजनों को रक्त की तलाश में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ता है। अब इस डिजिटल व्यवस्था से कई फायदे होंगे पोर्टल के माध्यम से यह आसानी से पता चल सकेगा कि किस ब्लड बैंक में कौन सा ब्लड ग्रुप उपलब्ध है।
रक्तदाताओं का पंजीकरण अब आभा आईडी’ या अन्य सरकारी पहचान पत्रों से जोड़ा जा सकेगा, जिससे पूरी आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शी हो जाएगी, केंद्रीकृत प्रणाली होने के कारण रक्त की अवैध बिक्री या जमाखोरी करना संभव नहीं होगा।
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डिजिटल इंडिया और स्वास्थ्य सुधार
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की हाईटेक बनाने की दिशा में इसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अब देशभर के ब्लड स्टॉक की स्थिति एक क्लिक पर जानी जा सकेगी, जिससे मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों की जान बचाना आसान होगा।
