

Nashik TCS Forced Conversion Case Nida Khan : नासिक में बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत एक युवती से कथित दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण के प्रयास से जुड़े चर्चित मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में सुनियोजित तैयारी के संकेत मिले हैं। यह मामला कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
एसआईटी के अनुसार, तकनीकी जांच के दौरान ऐसे डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे पता चलता है कि 5 अप्रैल को इंटरनेट पर कथित तौर पर पीड़िता का नाम बदलकर "हानिया" करने से संबंधित जानकारी खोजी गई थी। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि पीड़िता के शैक्षणिक दस्तावेज आरोपियों के कब्जे में पाए गए। इसके अलावा बदले हुए नाम से 9 हजार रुपये की कथित 'जकात' जमा किए जाने से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।
जांच एजेंसी ने इन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करते हुए लगभग 1500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है। एसआईटी का कहना है कि एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की विभिन्न कड़ियों की जांच की गई है।
देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में मुख्य आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान फिलहाल नासिक रोड सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच शुरू की है।
जांच के दौरान दो अन्य व्यक्तियों के नाम भी सह-आरोपी के रूप में सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, उनकी कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
नासिक पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई के दौरान अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और पक्षकारों की दलीलों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।