नासिक धर्मांतरण मामला: AIMIM पार्षद मतीन पाटिल पुलिस के सामने पेश, फोरेंसिक जांच के लिए दिए आवाज के नमूने

Nashik conversion case: नासिक के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में फरार निदा खान को पनाह देने के आरोपी AIMIM पार्षद मतीन पाटिल पुलिस के सामने पेश हुए। कॉल रिकॉर्डिंग की पुष्टि के लिए आवाज के नमूने लिए गए।
AIMIM corporator Matin Patil appeared before Nashik police in the high-profile conversion case. His voice samples were taken to match forensic call records regarding suspect Nida Khan.
नासिक धर्मांतरण मामला (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik conversion case AIMIM corporator Matin Patil:  बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़े बहुचर्चित धर्मांतरण और महिला उत्पीड़न मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले में फरार संदिग्ध निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में पनाह देने के आरोपों के बीच नामजद एआईएमआईएम पार्षद मतीन पाटिल सोमवार को अपने वकीलों के साथ नासिक पुलिस के समक्ष पेश हुए। जांच के तहत पुलिस ने उनकी आवाज के नमूने लेकर फॉरेंसिक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि फरार आरोपी निदा खान को छिपाने की व्यवस्था करने के लिए मतीन पाटिल ने छत्रपति संभाजीनगर के एक मकान मालिक हनीफ से फोन पर संपर्क किया था। इस संबंध में पुलिस ने पहले ही संबंधित मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल रिकॉर्डिंग सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि जब्त फोन में मौजूद बातचीत में सुनाई देने वाली आवाज मतीन पाटिल की हो सकती है। इसी की पुष्टि करने के लिए फॉरेंसिक प्रक्रिया के तहत उनके वॉयस सैंपल लिए गए हैं। अब विशेषज्ञ रिकॉर्डेड कॉल और ताजा लिए गए नमूनों का मिलान करेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बातचीत में शामिल व्यक्ति वास्तव में मतीन पाटिल ही थे या नहीं।

 नासिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। वॉयस सैंपल की रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इससे आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। फिलहाल पुलिस इस मामले में जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि धर्मांतरण और महिला उत्पीड़न से जुड़े इस मामले ने पिछले कुछ समय से व्यापक चर्चा बटोरी है। फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ उन्हें कथित रूप से मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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