जैन इतिहास में स्वर्णिम अध्याय, नासिक से नमोकार तीर्थ भव्य यात्रा, रथ व झांकियों से गूंजा चांदवड

Namokar Tirth Yatra: चांदवड में जैन धर्म के इतिहास में पहली बार नासिक से नमोकार तीर्थ तक 50 किमी की भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई। मुनिश्री अमोघकीर्ति व अमरकीर्ति महाराज के आगमन पर अभूतपूर्व आयोजन हुआ।
Namokar Tirth Yatra, Shri Devnandiji Gurudev
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jain Welcome Ceremony Hindi News: चांदवड जैन धर्म के इतिहास में पहली बार नासिक और 'नमोकार तीर्थ' के बीच एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, राष्ट्रीय संत, परम पूज्य आचार्य श्री देवनांदीजी गुरुदेव के शिष्यों, सर्वोत्कृष्ट मुनिश्री अमोघकीर्तिजी और मुनिश्री अमरकीर्तिजी महाराज के शुभ आगमन पर,नासिक से वदालीभोई तक 50 किलोमीटर की भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई।

इस यात्रा में 108 फुट लंबा धर्मध्वज, विशेष गुरु रथ और चलता-फिरता 'युवैन्द्र' मंडप आकर्षण का केंद्र थे। नासिक ढोल, आदिवासी नृत्य, साइकिलिस्ट टीम, महिला बैंड, बाल वारकरी और कार रैली घोटी की महिलाओं, मालेगांव की 'तीन पावली' और लासलगांव-वडालीभोई की महिलाओं द्वारा विशेष प्रस्तुतियां थीं।

यात्रा के दौरान, भाजपा जिला अध्यक्ष यतिन कदम, सांसद भास्करराव भागरे, विधायक दिलीप बंकर, विधायक राहुल अहेर और पूर्व महापौर भूषण कसलीवाल ने पुष्पांजलि अर्पित कर और विधिपूर्वक स्नान कराकर मुनिश्री का स्वागत किया।

जैसे ही वे नमोकार तीर्थ पहुंचे, सजे-धजे घोड़ों, सात रथीं, इंद्र-इंद्रानी की मूर्तियों और बैंड-ढोल की थापों के बीच श्रद्धालुओं ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

34 फलों के रस से की गई पैरों की शुद्धि

इस समारोह में आई आर्थिका प्रज्ञा माता और ज्ञान माताजी ने भी प्रवेश किया। सूरत और मुंबई से आए सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में, 1 किलोमीटर की दूरी से आचार्य देवनांदीजी महाराज के चरणों को 108 कलशों से धोया गया, विशेष रूप से, देश के इतिहास में पहली बार, युगल माताजी द्वारा आचार्य श्री देवनांदीजी महाराज के चरणों को 34 विभिन्न फलों के रस से धोने की अनूठी रस्म अदा की गई।

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