कर्ज और बारिश की दोहरी मार, चांदवड के युवा किसान ने फांसी लगाकर दी जान

Nashik News: नासिक के चांदवड में बेमौसम बारिश से फसल डूबने और कर्ज के बोझ से दबे किसान ने आत्महत्या की। ग्रामीणों ने मुआवजे और कर्जमाफी की मांग की।
Farmer suicide
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Nashik Chandwad Farmer Suicide News: नासिक जिले के चांदवड तहसील में बेमौसम बारिश ने एक और किसान की जिंदगी छीन ली। शिंगवे परिसर के युवा किसान बजरंग नरहरी मढे ने कर्ज चुकाने की चिंता में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का विषय बन गई है।

पिछले कुछ दिनों से नासिक जिले में लगातार बेमौसम बारिश हो रही है, जिससे किसानों की प्याज, मक्का और अन्य फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। खेतों में खड़ी फसलें तालाबों में बदल गई हैं और सैकड़ों एकड़ जमीन पानी में डूब गई है। इस विनाशकारी बारिश ने किसानों के सामने दोहरी मार खड़ी कर दी है। एक तरफ फसल की हानि और दूसरी तरफ कर्ज चुकाने का दबाव।

फसल डूबने से गहरे सदम में था

इन्हीं हालातों से निराश होकर बजरंग मढे ने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि मढे पर स्थानीय सोसायटी और कुछ बैंकों का कर्ज था। लगातार हो रहे नुकसान और भविष्य की अनिश्चितता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार, मढे अपनी प्याज की फसल को लेकर बेहद मेहनती किसान थे, लेकिन फसल डूब जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए थे।

इस घटना से चांदवड तहसील के किसानों में भारी आक्रोश और दुख व्याप्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत नुकसान का मुआवजा दे और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के कर्ज माफ किए जाएं। साथ ही, किसान आत्महत्याओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

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