

Central Railway Mega Block Cancelled Panchavati Express: मध्य रेलवे द्वारा 6 जून को मुंबई-मनमाड-भुसावल रेलखंड पर किए जाने वाले तकनीकी कार्यों के कारण रेल यातायात में व्यापक बदलाव किया गया है। इस ब्लॉक के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट तथा आंशिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, तकनीकी ब्लॉक के कारण मुंबई और उत्तर महाराष्ट्र के बीच चलने वाली दो प्रमुख ट्रेनों की दोनों दिशाओं की सेवाएं पूरी तरह रद्द रहेंगी। इनमें मुंबई-धुले इंटरसिटी एक्सप्रेस (11011/11012) तथा मुंबई-मनमाड पंचवटी एक्सप्रेस (12109/12110) शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से नासिक, मनमाड और धुले क्षेत्र के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
ब्लॉक के कारण कई लंबी दूरी की ट्रेनों को उनके नियमित मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जाएगा। सामान्यतः कल्याण-कसारा-इगतपुरी-नासिक रोड-मनमाड मार्ग से चलने वाली ट्रेनें अब कल्याण-कर्जत-लोनावला-पुणे-अहिल्यानगर-कोपरगांव-मनमाड मार्ग से चलाई जाएंगी। मार्ग परिवर्तित ट्रेनों में नंदीग्राम एक्सप्रेस (11001), दादर-शिरडी एक्सप्रेस (12131), देवगिरी एक्सप्रेस (17057), कामायणी एक्सप्रेस (11071), दादर-गोरखपुर समर स्पेशल (01027) तथा पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस (15066) सहित कुल 10 ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के मार्ग बदलने से यात्रा समय में भी कुछ परिवर्तन संभव है।
तकनीकी कार्यों के प्रभाव के चलते हिंगोली-मुंबई जनशताब्दी एक्सप्रेस (12072) को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। यह ट्रेन 6 जून को केवल नासिक रोड स्टेशन तक ही संचालित होगी। इसके बाद यही रेकनासिक रोड से मुंबई के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस (12071) के रूप में वापस रवाना होगी। इससे नासिक रोड और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ मिलेगा, जबकि आगे के यात्रियों को असुविधा हो सकती है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति मध्य रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप अथवा पूछताछ केंद्र से अवश्य जांच लें। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी कार्य रेलवे संरचना की सुरक्षा और परिचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे में अस्थायी असुविधा के बावजूद यह कार्य भविष्य में बेहतर रेल सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।