Breaking News: 17 साल बाद मालेगांव ब्लास्ट केस में आया फैसला, सभी 7 आरोपी बरी

2008 Malegaon Blast Case Result: मालेगांव विस्फोट मामले में आज एनआईए की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।
2008 Malegaon Blast Case Result: मालेगांव विस्फोट मामले में आज एनआईए की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।
मालेगांव विस्फोट पर फैसला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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2008 Malegaon Blast Case Verdict: मालेगांव विस्फोट मामले में आज एनआईए की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस मामलें में 3-4 एजेंसी जांच कर रही थी। मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने कहा कि जांच में कई कमियां थी।

एनआईए की विशेष अदालत ने कहा ये साबित नहीं हुआ कि बाइक में बम प्लांट किया गया। मामले की जांच में कई गलतियां थी। जज ने कहा कि मौके से फिंगर प्रिंट नहीं मिले और जांच में कई प्रकार की गड़बड़ियां थीं। बाइक साध्वी प्रज्ञा की थी, ये साबित नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि उन्हें शक के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

आरोपों से किया बरी

कोर्ट ने आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), शस्त्र अधिनियम और अन्य सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा, "हमने एडीजी एटीएस को आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी के घर में विस्फोटक रखने के मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया है।"

एनआईए की विशेष अदालत ने कहा कि 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में जांच एजेंसियां भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर रमेश शिवजी उपाध्याय (सेवानिवृत्त), समीर शरद कुलकर्णी, अजय एकनाथ राहिरकर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, सुधाकर उदयभान धर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे और सुधाकर ओंकारनाथ चतुर्वेदी के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।

फैसले के बाद क्या बोली साध्वी प्रज्ञा

मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआई कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैं न्याय के प्रति सम्मान की वजह से आई हूं। मुझे 13 दिनों तक प्रताड़ित किया गया, मेरा जीवन बर्बाद कर दिया गया। मुझे 17 साल तक अपमानित किया गया। मुझे अपने ही देश में आतंकवादी बना दिया गया।

गौरतलब है कि मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को अंजुमन चौक और भीकू चौक के बीच स्थित शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने रात करीब 9 बजकर 35 मिनट पर एक बड़ा बम विस्फोट हुआ था। इस बम विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी तथा 101 लोग घायल हुए थे।

इन 7 लोगों पर था आरोप

विशेष एनआईए अदालत 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में अपना फैसला सुनाया जिसमें सात आरोपी शामिल थे, इनमें भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर रमेश शिवजी उपाध्याय (सेवानिवृत्त), समीर शरद कुलकर्णी, अजय एकनाथ राहिरकर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, सुधाकर उदयभान धर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे और सुधाकर ओंकारनाथ चतुर्वेदी शामिल थे।

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