भगूर में नमो उद्यान पर राष्ट्रवादी-शिवसेना दल आमने-सामने, राष्ट्रवादी (अजित) की नगराध्यक्ष प्रेरणा बलकवडे भडकी

Bhagur Namo Udyan Disput: नासिक के भगूर में नमो उद्यान प्रकल्प को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच विवाद गहरा गया है।
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Namo Udyan Disput (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Political News: भगूर शहर के नमो उद्यान प्रकल्प को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी दल-राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट)-के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) की नगराध्यक्ष प्रेरणा बलकवडे ने आरोप लगाया है कि इस प्रकल्प में जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नमो उद्यान के काम में अड़चन डालने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के विकास से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रकल्प को लेकर गलत जानकारी फैलाकर प्रशासन को गुमराह करना बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

चार महीने पहले हुई भगूर नगर परिषद में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भाजपा के साथ मिलकर शिवसेना की करीब 25 वर्षों की सत्ता समाप्त कर दी थी। इसके बावजूद, राज्य में सहयोगी होने के बाद भी स्थानीय स्तर पर इन दलों के बीच टकराव जारी है और अब नमो उद्यान को लेकर यह विवाद और तेज हो गया है। नगराध्यक्ष बलकवडे ने बताया कि फिलहाल भगूर में नमो उद्यान का काम योजनाबद्ध तरीके से तेजी से चल रहा है। यह प्रकल्प नागरिकों के लिए मनोरंजन, पर्यावरण संरक्षण और शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एसटीपी प्रकल्प को भी बाधित करने की कोशिश

लेकिन इस विकास कार्य में बाधा डालने के उद्देश्य से शिवसेना के शहर प्रमुख विक्रम सोनवणे और गटनेता शंकर करंजकर ने कलेक्टर कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर भ्रामक व गलत जानकारी देते हुए पत्राचार किया है। इस पत्राचार में दावा किया गया है कि नमो उद्यान के लिए तय की गई जमीन एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए आरक्षित है। नगराध्यक्ष ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह गलत, निराधार और भ्रामक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस झूठी जानकारी के आधार पर न केवल नमो उद्यान का काम रोकने, बल्कि मंजूरी के अंतिम चरण में पहुंचे एसटीपी प्रकल्प को भी बाधित करने की कोशिश की जा रही है।

उद्यान प्रकल्प 25 वर्षों तक लंबित

उन्होंने यह भी कहा कि पहले शिवसेना के कार्यकाल में स्वातंत्र्यवीर दामोदर सावरकर उद्यान प्रकल्प 25 वर्षों तक लंबित रखा गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विकास कार्यों में अड़ंगा डालने की मानसिकता अब भी जारी है। विकास कार्यों पर राजनीति करना और नागरिकों के हितों से खिलवाड़ करना निंदनीय है। भगूर के समग्र और सतत विकास को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि नमो उद्यान जैसे प्रकल्प नागरिकों के हित में ही लागू किए जा रहे हैं। ऐसे में विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें, प्रशासन का सहयोग करें और शहर के विकास कार्यों का समर्थन करें।

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