

Ashok Kharat Money Laundering Case: नासिक के ढोंगी अशोक खरात को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गठित विशेष अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खरात की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
ईडी ने अदालत में दावा किया कि अशोक खरात पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा था और लगातार गोलमोल जवाब दे रहा था। हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उसकी आगे की हिरासत की जरूरत नहीं है।
साथ ही भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा रिमांड मांगने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही। ईडी के अनुसार, अशोक खरात ने खुद को चमत्कारी शक्तियों वाला बताकर लोगों से कथित रूप से उगाही की। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने अवैध तरीके से हासिल किए गए 47 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को 60 बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर किया।
एजेंसी ने अदालत को बताया कि खरात ने बेनामी और अन्य लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर आर्थिक अपराध का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। राहाता स्थित "समता नागरी सहकारी पतसंस्था" में कुछ भक्तों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर गुप्त रूप से 60 बैंक खाते खोले गए थे। इनमें से 43 खाते मई 2021 में एक ही दिन में खोले गए थे।
ईडी के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2026 के बीच इन खातों के जरिए 47.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का संदिग्ध लेन-देन किया गया। वहीं, नासिक और अहिल्यानगर जिलों में अशोक खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और आर्थिक धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।
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