अशोक खरात जेल में, पर वायरल वीडियो में दिख रही महिलाओं का क्या? गहरे सदमे से गुजर रहीं पीड़िताएं
Ashok Kharat Case Victims Mental Trauma: अशोक खरात सलाखों के पीछे है, लेकिन असली दर्द अब सामने आ रहा है। वायरल वीडियो से पीड़ित महिलाएं डर, अवसाद और पहचान उजागर होने के खौफ में घुट रही हैं।
- Written By: आकाश मसने
अशोक खरात केस (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat Case Women Victims Mental Health Issue: नासिक में सामने आए तथाकथित ‘बाबा’ अशोक खरात से जुड़े इस सनसनीखेज कांड ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है। वायरल हुए वीडियो की गूंज अब सिर्फ एक अपराध कथा नहीं रही, बल्कि उन महिलाओं की खामोश चीख बन चुकी है, जो इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं। सवाल सिर्फ यह नहीं कि इस मामले का सच क्या है, बल्कि यह भी है कि इन पीड़ित महिलाओं का आगे क्या होगा?
वीडियो में चेहरा साफ-साफ दिखाई देने की वजह से पहचान उजागर होने के डर, समाज की तिरछी नजर और भीतर तक टूट चुके आत्मविश्वास के बीच ये महिलाएं एक ऐसे मानसिक संघर्ष से गुजर रही हैं, जिसका कोई आसान इलाज नहीं। क्या वे कभी सामान्य जिंदगी में लौट पाएंगी? या यह दाग और डर हमेशा उनका पीछा करेगा?
पीड़ितों पर गहरा मानसिक आघात और सामाजिक डर
रिपोर्टों के अनुसार, अशोक खरात से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण लगभग 8 से 9 पीड़ित महिलाओं को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। इन वीडियो में महिलाओं के चेहरे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी पहचान उजागर होने का डर लगातार बना हुआ है। इस भयावह स्थिति के कारण ये महिलाएं अत्यधिक मानसिक तनाव, भय और गहरे अवसाद (Depression) का सामना कर रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि इन पीड़ितों के लिए समाज में घुलना-मिलना या सामान्य बातचीत करना भी दूभर हो गया है। बताया गया है कि इन महिलाओं ने अब मनोचिकित्सकों की सहायता लेनी शुरू कर दी है और उनका उपचार चल रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
अब अतिक्रमण नहीं चलेगा: 12 प्रमुख मार्गों पर दिनभर रहेगी छत्रपति संभाजीनगर मनपा की पैनी नजर, 5 दल करेंगे गश्त
संभाजीनगर में कारोबारी के घर डकैती, नकाबपोश बदमाशों ने चाकू की नोक पर दंपती को बंधक बनाकर लूटें 4.60 लाख
छत्रपति संभाजीनगर मनपा में 10 लाख से अधिक की फाइलों पर प्री-ऑडिट विवाद, स्थायी समिति ने लगाई तत्काल रोक
छत्रपति संभाजीनगर में पुलिस का Combing Operation, अवैध शराब जब्त, 11 केस दर्ज, 26 फरार आरोपी दबोचे
करोड़ों की वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, अशोक खरात के काले कारनामों के नए वित्तीय पहलू भी सामने आ रहे हैं। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि खरात ने कई महिलाओं के नाम पर बैंक खाते खुलवाए थे और चालाकी से उन खातों में खुद को नॉमिनी बनाया था। पुलिस को संदेह है कि इन बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया गया है। यह मामला अब केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर भी इशारा कर रहा है।
SIT ने तृप्तबाला बंगले पर मारा छापा
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में SIT ने नासिक के करमयोगी नगर स्थित ‘तृप्तबाला’ बंगले पर छापा मारा, जिसे इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य केंद्र माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए उनसे अज्ञात स्थानों पर पूछताछ की जा रही है।
साइबर पुलिस की कड़ी नजर और नागरिकों से अपील
डिजिटल प्लेटफार्म पर इन वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस ने युद्धस्तर पर काम किया है। अब तक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लगभग 3,500 आपत्तिजनक लिंक सफलतापूर्वक हटा दिए गए हैं। हालांकि, इंटरनेट के कुछ हिस्सों में ये वीडियो अभी भी मौजूद हैं, जिन्हें ट्रैक किया जा रहा है। साइबर पुलिस उन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है जो इन वीडियो को शेयर या प्रसारित कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- ‘महिलाओं के साथ जो किया वो अनुष्ठान का हिस्सा’, अशोक खरात का SIT के सामने अजीबोगरीब दावा, कहा- मैंने जिनका…
प्रशासन ने नागरिकों से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि इन वीडियो में शामिल महिलाएं किसी की मां, पत्नी या बेटी हैं; अतः सोशल मीडिया पर इस मामले का असंवेदनशील प्रचार पीड़ितों के “ज़ख्मों पर नमक छिड़कने” के समान है। समाज में अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने के लिए अब जनता के बीच भारी आक्रोश है और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की जा रही है।
