नासिक में 7/12 उतारे में नाम चढ़ाने के लिए 5 हजार रिश्वत लेते पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार, गाड़ी से फेंके पैसे

Nashik ACB Trap Crime News: नासिक रिश्वत विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने देवला तहसील के खामखेड़ा में 7/12 उतारे पर नाम चढ़ाने के एवज में 5 हजार रुपये घूस लेते पटवारी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
Nashik ACB caught a Deola taluka Patwari and a private person red-handed while accepting a Rs 5,000 bribe to update names on a 7/12 land document extract.
नासिक रिश्वत विरोधी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Nashik ACB Trap Patwari Pappu Sonkambl:  कृषि भूमि के 7/12 उतारे से बहन का नाम हटाकर स्वयं का नाम चढ़वाने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देवला तालुका के खामखेड़ा के वर्ग-3 के पटवारी और उन्हें बढ़ावा देने वाले एक निजी व्यक्ति को नासिक रिश्वत विरोधी ब्यूरो ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई देवला स्थित वाजगांव रोड पर टीवीएस मोटरसाइकिल शोरूम के सामने की गई। घूस लेते पकड़े गए आरोपियों की पहचान पप्पू काशीनाथ सोनकांबले (46) और प्रशांत दावल सोनवणे (24) के रूप में हुई है। इस कार्रवाई से देवला तहसील के राजस्व विभाग सहित पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है।

7/12 उतारे से नाम हटाने के लिए मांगी थी रिश्वत मिली जानकारी के अनुसार मूल शिकायतकर्ता ने खामखेड़ा शिवार स्थित कृषि गट संख्या 127 से हकत्याग पत्र के आधार पर अपनी बहन का नाम हटाने के लिए खामखेड़ा पटवारी कार्यालय में आवेदन किया था। लेकिन बहन के नाम के बजाय स्वयं शिकायतकर्ता का ही नाम 7/12 उतारे से हटा दिया गया था। जब शिकायतकर्ता इस गंभीर त्रुटि के संबंध में पटवारी पप्पू सोनकांबले के पास पूछताछ करने गए, तो पटवारी ने 7/12 उतारे पर दोबारा नाम चढ़ाने के लिए 5 हजार हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

वहीं निजी व्यक्ति प्रशांत सोनवणे ने शिकायतकर्ता को रिश्वत देने के लिए उकसाया। शिकायतकर्ता की रिश्वत देने की इच्छा न होने के कारण उन्होंने इस मामले की विधिवत शिकायत नासिक शहर रिश्वत विरोधी ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज करा दी। रिश्वत विरोधी ब्यूरो की टीम द्वारा किए गए सत्यापन में आरोपी पटवारी ने पहले ही एक हजार रुपये स्वीकार करने की बात कबूल की थी।

आरोपी ने सबूत नष्ट करने का किया प्रयास

इसके बाद आज शेष 5 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते समय एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया। इस दौरान एक चौंकाने वाली घटना घटी: रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जब आरोपी पटवारी पप्पू सोनकांबले को शासकीय वाहन में बैठाया गया, तो उसने बेहद चालाकी से अपनी जेब में रखी रिश्वत की रकम को गाड़ी से बाहर फेंककर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया।

हालांकि, एसीबी की सतर्क टीम ने उसके इस प्रयास को समय रहते विफल कर दिया और रिश्वत की राशि जब्त कर ली। इस मामले में देवला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। उक्त कार्रवाई रिश्वत विरोधी ब्यूरो नासिक परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक भारत तांगडे, अपर पुलिस अधीक्षक माधव रेड्डी व सुनील दोरगे के मार्गदर्शन में ट्रैप अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक एकनाथ पाटील, पुलिस हवलदार योगेश साळवे, पुलिस कॉन्स्टेबल चेतन शेवाळे और चालक पुलिस नायक परशराम जाधव की टीम ने की है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक नेहा सूर्यवंशी कर रही हैं।

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