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नासिक : शहर के मिर्ची होटल इलाके में शनिवार को एक निजी बस और ट्रक के बीच हुए हादसे (Accident) में 12 यात्रियों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल हुए। यह जगह शहर के ब्लैक स्पॉट (Black Spot) में से एक मानी जाती है। नासिक जिले के मंत्री दादा भुसे (Minister Dada Bhuse) ने भी इस बारे में जानकारी दी थी कि इस तरह का जंक्शन ब्लैक स्पॉट होता है। एक दुर्घटना ब्लैक स्पॉट सड़क का 500 मीटर लंबा हिस्सा है जिसमें तीन वर्ष की अवधि में पांच दुर्घटनाएं (मृत्यु या गंभीर चोट सहित) या 10 या अधिक मौतें होती हैं।
मिर्ची होटल जंक्शन के संबंध में नाशिक के पुलिस कमिश्नर जयंत नाईकनवरे ने कहा कि नाशिक पुलिस विभाग पहले ही साइट पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए कई उपाय प्रस्तावित कर चुका है। पुलिस कमिश्नर कहना है कि शहर के सभी ब्लैक स्पॉट पर नाशिक महानगरपालिका के समन्वय से उपाय किए जाएंगे।
मुंबई-आगरा राजमार्ग पर द्वारका जंक्शन, जहां से नाशिक-पुणे राजमार्ग प्रवेश करता है, 2019 और 2021 के बीच सबसे अधिक दुर्घटनाएं (21) हुई थी। इन 21 हादसों में 15 लोगों की जान गई थी। जंक्शन पर दोहरी सर्विस रोड, पैदल यात्री अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर के बावजूद दुर्घटनाएं होने का यही मतलब है कि इस मार्ग पर यातायात करने वाले नियमों का सही-सही पालन नहीं करते हैं। के. के. वाघ कॉलेज के सामने हाइवे ब्लैक स्पॉट हैं, उस जगह पर 13 हादसे हो चुके हैं और 10 लोगों की अब तक जा चुकी है, ऐसे में नासिक शहर में जनहानि का कारण बन रहे ब्लैक स्पॉट का स्थायी समाधान करना बहुत जरूरी हो गया है, अन्यथा इन क्षेत्रों में मौत के तांडव का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।