नासिक में लोकतंत्र का कलात्मक सम्मान, आज़ादी के बाद की पहली कैबिनेट, दीवार पर उकेरा गया इतिहास
First Central Cabinet: नासिक के संदीप विश्वविद्यालय में भारत की पहली केंद्रीय कैबिनेट पर आधारित दीवारचित्र का अनावरण किया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और नेतृत्व की भावना को उजागर करेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Constitutional Awareness Nashik Hindi News: नासिक भारत की पहली केंद्रीय कैबिनेट का दीवार पर कलात्मक प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूलभूत मूल्यों का प्रतीक है। इस प्रकार की ऐतिहासिक पहल छात्रों में संवैधानिक जागरूकता, राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना और नेतृत्व के महत्व को उजागर करती है।
संदीप विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. संदीप झा ने कहा, “विधी संकाय में बना यह दीवारचित्र भविष्य के वकीलों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। संदीप विश्वविद्यालय ने भारत के पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल का एक दीवार बने चित्र का अनावरण किया है जो भारत के स्वतंत्रताोत्तर इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपरा पर प्रकाश डालेगा।
वे विधि संकाय विभाग के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच के जस्टिस शिवकुमार दिघे, बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच के जस्टिस संदीप कुमार मोरे और बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के जस्टिस महेंद्र नेरलिकर ने इसका अनावरण किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर और करसन घावरी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
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क्रिकेट कुंभ का किया गया उद्घाटन
संदीप विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र सिन्हा ने सभी का स्वागत किया और विधि विभाग में छात्र-हितैषी पाठ्यक्रम और गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। यह पहल विधि संकाय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
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और यह छात्रों, संकाय और कर्मचारियों के लिए गर्व का क्षण है। इस प्रकार की पहल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में इतिहास, विधि और मूल्य-आधारित शिक्षा का एक सुंदर मिश्रण ला रही है।
