‘अमर रहे’ के नारों के बीच अजितदादा पवार को दी श्रद्धांजलि, कालिदास कलामंदिर में सर्वपक्षीय नेता मौजूद

Ajit Dada Pawar Tribute: नासिक के कालिदास कलामंदिर में शोकाकुल माहौल के बीच सर्वपक्षीय नेताओं ने स्वर्गीय अजितदादा पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके कार्यों व नेतृत्व को याद किया।
Ajit Pawar
Maharashtra political news (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Condolence Meeting: ‘अमर रहे, अमर रहे’ के नारों के बीच अत्यंत शोकाकुल वातावरण में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्य के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजितदादा पवार को नासिक के कालिदास कलामंदिर में सर्वपक्षीय नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके कार्यों में समयपालन, बेबाक स्वभाव और विकास के प्रति दूरदृष्टि को याद करते हुए कहा कि ऐसा नेता मिलना दुर्लभ है। उनका निधन दुर्घटनावश हुआ है, फिर भी इस पर विश्वास कर पाना सभी के लिए कठिन है।

इस अवसर पर मंत्री छगन भुजबल, नरहरी झिरवाल, पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे सहित विधायक देवयानी फरांदे, दिलीप बनकर, सरोज अहिरे, पूर्व विधायक शिवराम झोले, दीपिका चव्हाण, बाळासाहेब सानप, विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, कुंभमेला आयुक्त शेखरसिंह, आदिवासी आयुक्त लीना बनसोडे तथा मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

नासिक में शोकाकुल माहौल में अजितदादा को श्रद्धांजलि

शोकसभा में भाजपा शहराध्यक्ष सुनील केदार, कांग्रेस शहराध्यक्ष आकाश छाजेड, शिवसेना (शिंदे गुट) के अजय बोरस्ते, शिवसेना (ठाकरे गुट) के दत्ता गायकवाड, माकपा के तानाजी जायभावे, वंचित बहुजन आघाड़ी के चेतन गांगुर्डे, मनसे के सुदाम कोंबडे सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।

इसके अलावा क्रेडाई अध्यक्ष गौरव ठक्कर, शैक्षणिक संस्थाओं की ओर से अजिंक्य वाघ, रयत शिक्षण संस्था के भागीरथ शिंदे, आयमा के राजेंद्र पानसरे, बिल्डर एसोसिएशन के अविनाश आव्हाड, मराठा विद्या प्रसारक मंडल के बाळासाहेब पिंगळे तथा सावाना के देवदत्त जोशी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में सर्वपक्षीय नगरसेवक और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिला परिषद भवन को पवार का नाम देने की मांग

इस शोकसभा में भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने जिला परिषद की नई इमारत को अजितदादा पवार का नाम देने तथा डॉ. पंजाबराव देशमुख छात्रावास में उनका पुतला स्थापित करने की मांग की।

मंत्री भुजबल और झिरवाल ने व्यक्त की संवेदना

मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि सोने जैसे इंसान आज हमें छोड़कर चले गए। यह घटना मेरे जीवन की सबसे झकझोर देने वाली घटनाओं में से एक है। वहीं मंत्री नरहरी झिरवाल ने कहा कि दादा की उम्र 66 वर्ष थी, लेकिन उन्होंने 76 वर्षों में जितना काम हो सकता है, उतना कार्य कर दिखाया।

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