

NEET Paper Leak Case Nanded Connection: देशभर में चर्चित नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के आरसीसी क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को जांच एजेंसियां पूरे रैकेट की अहम कड़ी मान रही हैं, जिससे अब पेपर लीक नेटवर्क की परतें तेजी से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। मोटेगांवकर को 9 दिन की सीबीआई रिमांड में भेजा गया है।
इसी बीच नांदेड़ से जुड़ा एक नया मामला भी जांच के दायरे में आ गया है। नांदेड़ में एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए प्रचार ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। विज्ञापन में दावा किया गया था कि एक छात्रा को केमिस्ट्री में 180 में से 180 अंक मिले हैं, जबकि यह प्रचार परिणाम घोषित होने से पहले ही किया गया था। यही छात्रा अब पेपर लीक जांच के दायरे में बताई जा रही है।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में कदम परिवार से लंबी पूछताछ की। छात्रा के पिता पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले 5 लाख रुपये देकर प्रश्नपत्र हासिल करने की कोशिश की थी। सीबीआई ने कदम परिवार के करीब 8 सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा के प्रैक्टिस टेस्ट में अंक 100-120 के बीच थे, लेकिन पुणे में कथित तैयारी के दौरान यह अंक अचानक बढ़कर 560 तक पहुंच गए। इस असामान्य सुधार ने जांच एजेंसियों की आशंका को और मजबूत किया है। सीबीआई ने छात्रा और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए पुणे स्थित कार्यालय में तलब किया है।
नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार की गई पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स की प्राध्यापिका मनीषा मंधारे के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके निलंबन का फैसला लिया। सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद संस्थान ने नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से उन्हें सस्पेंड कर दिया।
होटल मीटिंग और गुप्त सौदों का खुलासा जाच एजेंसियों के मुताबिक, परीक्षा से पहले लातूर, पुणे और अन्य शहरों के होटलों में गुप्त बैठके आयोजित की जाती थीं। बैठकों में मोबाइल जमा कराए जाते थे और प्रश्नपत्र और उत्तरों की लाइव जानकारी साझा की जाती थी। एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार राजस्थान, नांदेड, गुरुग्राम और महाराष्ट्र के कई जिलों तक फैले हुए है।