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नांदेड जिले की किनवट तहसील के मदनापुर में सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर के पास ट्रेन की टक्कर से बाघिन की मौत हुई।
17 अक्टूबर को रेलवे पटरी पर बाघिन का शव मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्राथमिक जांच में बाघिन की मौत ट्रेन की टक्कर से होने की पुष्टि हुई। उसकी आयु लगभग 3 से 4 वर्ष बताई गई।
Kinwat Train Accident: नांदेड जिले के किनवट तहसील के बोधडी वन परिक्षेत्र अंतर्गत दरसांगवी नियत क्षेत्र में ट्रेन की टक्कर से एक बाधिन की मौत हो गई। यह घटना किनवट-नांदेड़ रेलवे मार्ग पर मदनापुर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर के पास सामने आई। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को रेलवे पटरी पर एक बाधिन का शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों ने घटनास्थल का दौरा किया।
इस दौरान नांदेड़ की उप वनसंरक्षक मनीषा पाटिल, सहायक वनसंरक्षक (रोगायो एवं वन्यजीव) एस. डी. इटलोड, सहायक वनसंरक्षक (जकास एवं कैम्पा) किरण चव्हाण, बोधडी के वन परिक्षेत्र अधिकारी सी. जी. पोतुलवार, किनवट के वन परिक्षेत्र अधिकारी धीरज मदने, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रतिनिधि अतिद्र कटी तथा पार्टी के पशु चिकित्सक डॉ. राहुल जोंधले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया। प्राथमिक जांच में बाधिन की मौत ट्रेन की टक्कर से होने की पुष्टि हुई।
मृत बाघिन की आयु लगभग तीन से चार वर्ष बताई गई है। पंचनामे के दौरान उसके शरीर के सभी अंग सुरक्षित और अखंडित पाए गए। घटनास्थल पर पंचनामा करने के बाद मृत बाघिन के शव को सावरी वन डिपो लाया गया। यहां उप वनसंरक्षक मनीषा पाटिल, सहायक वनसंरक्षक एस. डी. इटलोड और एनटीसीए के प्रतिनिधि अतिद्र कटी की उपस्थिति में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम करने वाली टीम में किनवट के पशुसंवर्धन सहायक आयुक्त डॉ. संजीव पाटिल, डॉ. राहुल जोंधले (पार्टी), डॉ. योगेश पाटिल (मालबोरगाव), डॉ. निरंजन बागल (जलधरा) और डॉ. सुनील जाधव (मांडवी) शामिल थे। आगे की जांच के लिए बाघिन के विसरा के नमूने भी एकत्र किए गए। पोस्टमार्टम के बाद सावरी वन डिपो में शासकीय नियमों के अनुसार मृत बाधिन का दाह संस्कार किया गया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी टी. एन. सालुंके (वन्यजीव, खरबी), रेलवे पुलिस किनवट के सहायक उपनिरीक्षक भगवान नागरे सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और वनपाल उपस्थित थे। रेलवे पटरी पर बाघिन की मौत की इस घटना ने एक बार फिर रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीरता से सामने ला दिया है। वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर भी चर्चा होने लगी है।