

Nanded 44 Leaders Ban: स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और नियमों का पालन न करना नांदेड़ जिले के 44 उम्मीदवारों को बेहद भारी पड़ गया है। जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इन सभी 44 उम्मीदवारों को अगले 3 वर्षों के लिए नगर निकाय का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2025 में जिले की 12 नगर परिषदों और 1 नगर पंचायत के लिए संपन्न हुए चुनावों के संदर्भ में की गई है।
चुनाव नियमों के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के पास अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा करना अनिवार्य होता है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन 44 उम्मीदवारों ने बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद समय पर अपना चुनावी खर्च का विवरण प्रस्तुत नहीं किया।
इसके बाद नांदेड़ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 'महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, 1965 की धारा 16 (1-डी)' के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह अयोग्यता आदेश जारी किया। इस कानून के तहत खर्च का हिसाब न देना गंभीर लापरवाही माना जाता है।
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अयोग्य ठहराए गए उम्मीदवारों का विवरण इस प्रकार है।
हिमायतनगर नगर पंचायत: 14 उम्मीदवार
किनवट नगर परिषद: 7 उम्मीदवार
उमरी नगर परिषद: 6 उम्मीदवार
धर्माबाद नगर परिषद: 6 उम्मीदवार
कंधार नगर परिषद: 5 उम्मीदवार
मुखेड नगर परिषद: 3 उम्मीदवार
भोकर नगर परिषद: 2 उम्मीदवार
लोहा नगर परिषद: 1 उम्मीदवार
नांदेड़ जिला प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इन सभी पूर्व उम्मीदवारों के राजनीतिक करियर पर अगले 3 वर्षों के लिए विराम लग गया है। ये सभी 44 सदस्य अब अगले तीन सालों तक किसी भी नगर परिषद या नगर पंचायत चुनाव में अपनी उम्मीदवारी दर्ज नहीं करा सकेंगे। चुनावी निष्पक्षता और नियमों की सख्ती को लेकर प्रशासन के इस फैसले की पूरे क्षेत्र में जोरदार चर्चा हो रही है।