नांदेड: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद वसंत चव्हाण का निधन हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने 64 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिन से बिमार थे। वसंत चव्हाण की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के क्रीम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, रविवार रात को उनकी तबीयत बिगड़ गई और सोमवार को सुबह उनका देहांत हो गया। वसंत चव्हाण निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, वसंत चव्हाण की रात को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चव्हाण ब्लड प्रेशर कम होने से भी परेशान थे। पहले उन्हें नांदेड ते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन फिर डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें हैदराबाद के क्रीम्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने वसंत चव्हाण के निधन पर शोक जताया। उन्होंने लिखा, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और नांदेड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद वसंतरावजी चव्हाण के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली है। विपरीत परिस्थितियों में भी वह हमेशा कांग्रेस पार्टी के प्रति वफादार रहे और कांग्रेस पार्टी के विचार को घर-घर पहुंचाया। इस दुख में पूरी कांग्रेस पार्टी चव्हाण परिवार के साथ है।
भावपूर्ण श्रद्धांजली! काँग्रेस पक्षाचे ज्येष्ठ नेते, नांदेड लोकसभा मतदारसंघाचे खासदार वसंतरावजी चव्हाण यांच्या निधनाची वार्ता अत्यंत धक्कादायक आहे. प्रतिकूल परस्थितीत देखील त्यांनी काँग्रेस पक्षाशी सदैव एकनिष्ठ राहून काँग्रेस पक्षाचा विचार घरोघरी पोहोचवला. वसंतरावजी चव्हाण… pic.twitter.com/DTGRe8p5hm — Nana Patole (@NANA_PATOLE) August 26, 2024
पिछले दो दशकों में राज्य विधानमंडल के के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व करने के बाद कांग्रेस के वसंतराव चव्हाण साल 2024 में लोकसभा में चुने गए। अशोक चव्हाण के दलबदल के बाद वसंत चव्हाण को लोकसभा चुनाव लडने का मौका मिला। 1957 से नांदेड जिले में अधिकांश सांसद अपने पहले प्रयास में ही लोकसभा में चुने गए। जिनमें वसंत चव्हाण का नाम भी आता है।
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उन्होंने अपना राजनीतिक करियर सरपंच पद से किया था। सरपंच बनने के बाद उन्हें जिला परिषद में काम करने का मौका मिला। 2002 में वह जिला परिषद में चुने गए, लेकिन उसके बाद ही उन्हें राज्य विधान परिषद में मौका मिला। विधानमंडल में उन्होंने लगभग 16 वर्षों तक विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व किया। वसंत 2009 में नायगांव विधानसभा क्षेत्र से पहले विधायक बने। नांदेड में अशोक चव्हाण और भास्करराव खतगांवकर के बिना भी कांग्रेस यहां पर अपना दबदबा कायम रख सकती है। यह वसंत चव्हाण ने लोकसभा चुनाव में दिखा दिया था।