

Maharashtra Local Body Elections: ब्रिटिश काल में स्थापित जिले की सबसे पुरानी नगर परिषद सावनेर में अब तक कई दिग्गजों ने सत्ता संभाली और शहर के विकास में अपना योगदान दिया। लेकिन इस सफर में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। नगर परिषद के इतिहास में सिंधुताई धोटे, वंदना धोटे, एड. पल्लवी मुलमुले, राजकुमारी गुप्ता और रेखा मोवाड़े जैसी पांच महिलाओं ने नगराध्यक्ष का ताज अपने सिर सजाया है।
अब एक बार फिर नगराध्यक्ष पद सर्वसाधारण महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, जिससे नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी और तेज हो गई है। शहर में विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिकों के बीच संभावित दावेदारों के नामों की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
कांग्रेस से वंदना साहबराव विरखरे, शिल्पा मनोज बसवार और सीमा सुनील चापेकर के नाम चर्चा में हैं। वहीं, भाजपा खेमे में पूर्व सभापति वनिता राजू घुगल, डॉ. ज्योत्सना धोटे, संजना मंदार मंगले, सोनाली तुषार उमाटे, मालती मनोज कुहीटे (पाटिल) और पदमा भूते जैसी महिलाओं के नामों पर भी चर्चा जोरों पर है। इसके अलावा, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय कई अन्य महिलाएं भी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
साल 2007 के नगर परिषद चुनाव में तत्कालीन विधायक सुनील केदार के विरोध में सावनेर विकास आघाड़ी का गठन हुआ था। एड। अरविंद लोधी के नेतृत्व में इस आघाड़ी ने शानदार सफलता हासिल की थी और जिलेभर में अपनी पहचान बनाई थी। युवाओं के बीच लोकप्रिय यह आघाड़ी अब फिर से सक्रिय हो सकती है। हालांकि, अभी आघाड़ी ने अपने चुनावी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन स्थानीय राजनीति में इसके पुनः गठन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।