वोटर्स को मंजूर नहीं तोड़फोड़ की राजनीति, राज ठाकरे बोले- सभी प्रमुख नेताओं के खिलाफ MNS उम्मीदवार

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि 5 वर्षों से महाराष्ट्र में जो गंदी राजनीति चल रही है वह मतदाताओं का अपमान है। मतदाताओं को तोड़फोड़ व द्वेष की राजनीति पसंद नहीं है। लोकसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिला। अब विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का गुस्सा निकलेगा। वे नागपुर में प्रेस परिषद में बोल रहे थे।
Raj Thackeray in nagpur, Maharashtra Assembly Elections 2024
मनसे प्रमुख राज ठाकरे
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नागपुर. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि 5 वर्षों से महाराष्ट्र में जो गंदी राजनीति चल रही है वह मतदाताओं का अपमान है। मतदाताओं को तोड़फोड़ व द्वेष की राजनीति पसंद नहीं है। लोकसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिला। अब विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का गुस्सा निकलेगा। वे नागपुर में प्रेस परिषद में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जो परिस्थिति है वह इससे पहले कभी नहीं देखी। मनसे के लिए वातावरण पोषक है। राज्य में करीब 215 सीटों पर हम अपने उम्मीदवार उतारेंगे। सभी प्रमुख नेताओं के खिलाफ हमारा उम्मीदवार होगा। उन्होंने कहा कि पुरोगामी महाराष्ट्र में सबसे पहले तोड़फोड़ व जाति की राजनीति शरद पवार ने शुरू की थी। उन्होंने कांग्रेस फोड़ा, शिवसेना फोड़ी और महापुरुषों के नाम पर समाज को बांटने का काम किया। इसे सही करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिम और दलित वोट एंटी मोदी-शाह गए। प्रेस परिषद में अमित ठाकरे, हेमंत गडकरी, दिलीप धोत्रे, राजू उंबरकर, घनश्याम निखाड़े उपस्थित थे।

बदलापुर पर राजनीति

बदलापुर की घटना के खिलाफ मविआ के आंदोलन पर ठाकरे ने कहा कि हमारे आसपास रोज ही बच्चियों-महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं। आंकड़ों में भी मुंबई, पुणे, नागपुर अव्वल नंबर पर हैं। रोज ही विरोध होना चाहिए। बदलापुर की घटना के बाद आज जिन्होंने आंदोलन किया है तो सवाल उठता है कि चुनाव के समय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कठोर कानून और त्वरित सजा जरूरी है तभी अपराधियों में खौफ होगा। पुलिस को सबकुछ मालूम होता है।

सरकार को उसे फ्री हैंड देना चाहिए, पुलिस सब साफ कर देगी। लाडली बहन योजना के चुनावी लाभ पर उन्होंने कहा कि लोग चालाक हैं, मतदान करेंगे ही, यह जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि लोग काम मांग रहे हैं। फोकट में कुछ नहीं मांग रहे। जो बांट रहे हो वह लोगों के टैक्स का पैसा है। मुझे लगता है लाडली बहनों को 2-3 महीने पैसे मिलेंगे क्योंकि सरकार के पास पैसे कहां हैं? यह तो अजीत पवार भी बता चुके हैं।

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