

Visvesvaraya National Institute Of Technology: नागपुर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) ने शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्र में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने पांच नए स्नातक और तीन नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।
वहीं कैंसर के क्षेत्र में शोध, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कैंसर इनोवेशन सेंटर की स्थापना की गई है। यह जानकारी संस्थान के 24वें दीक्षांत समारोह की पृष्ठभूमि में आयोजित पत्रकार परिषद में दी गई।
नए स्नातक पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, गणित एवं कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग फिजिक्स तथा चायोप्रोसेस टेक्नोलॉजी से संबंधित रासायनिक प्रौद्योगिकी शामिल हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में एमबीए, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग तथा कंट्रोल एंड ऑटोमेशन पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
नागपुर जिले के विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में कैंसर इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन 13 जुलाई को किया गया था। अब तक कैंसर क्षेत्र के 15 स्टार्टअप का चयन किया जा चुका है। इन स्टार्टअप को शोध, नवाचार और उद्योग विकास के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और समावेशी प्रौद्योगिकी से संबंधित शोध को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
नागपुर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पिछले एक वर्ष में चीएनआईटी को 33 करोड़ रुपये के सलाहकार प्रोजेक्ट प्राप्त हुए, संस्थान ने आईआईटी मुंबई, आईआईटी जोधपुर और आईआईटी दिल्ली के साथ समझौते किए है। आईआईटी मुंबई में वीएनआईटी के 20 स्नातक विद्यार्थी अंतिम वर्ष की पढ़ाई के लिए दाखिल हुए है। वहां एक वर्ष कर अध्ययन पूरा करने के बाद उसके क्रेडिट वीएनआईटी में हस्तांतरित किए जाएंगे,
प्लेसमेंट में 58.3 लाख का सर्वोच्च पैकेज
पिछले वर्ष वीरनामाईटी के विद्यार्थियों को 843 रोजगार के अवसर मिले, इसमें सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 58.3 लाख रुपये जबकि औसत पैकेज 10.45 लाख रुपये रहा, संस्थान के अनुसार, उसका जोर केवल शैक्षणिक गुणवत्ता पर नहीं बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी है।
नागपुर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के 24वें दीक्षांत समारोह का आयोजन 15 सितंबर को किया जाएगा। संस्थान हर वर्ष इंजीनियर्स डे पर अपना दीक्षांत समारोह आयोजित करता है। समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर.बालासुब्रमणियम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष मदा भूषि मदन गोपाल, निदेशक प्रो। प्रेम लाल पटेल तथा डीन (अकादमिक) प्रो। विलास कलामकर प्रमुखता से उपस्थित रहेंगे,
समारोह में कुल 1547 डिग्रियां-उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 59 डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी), 595 विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी, 64 विभिन्न विज्ञान विषयों में मास्टर ऑफ साइंस शामिल है।
इसके अलावा 761 विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी तथा 68 बैचलर ऑफ आर्किटेक्बर डिग्रियों का समावेश है। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पदक एवं विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।