

Nagpur Ramdeobaba University Convocation : नागपुर जिला में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्रियों पर नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल पर ध्यान केंद्रित करें। वे रामदेवबाबा यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में चतौर अतिथि बोल रहे थे।
इस दौरान स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। पाटिल ने कहा कि एनईपी के कुछ पहलुओं में सुधार की आवस्यकता है। उन्होंने स्नातकों को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में समाज के प्रति सार्थक योगदान देने के साथ-साथ स्टार्टअप निर्माण, अनुसंधान, नवाचार, इनक्यूबेशन और पेटेंट पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
एक स्मार्ट हेलमेट का उदाहरण देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसे अनुसंधान आधारित और नवोन्मेषी उत्पाद अंततः राष्ट्र की समृद्धि को गति देंगे। उन्होंने वैश्विक स्तर पर पहुंच स्थापित करने के लिए बहुभाषी कौशल अर्जित करने पर भी बल दिया। आरबीयू के ब्लॉकचेन सुरक्षित डिग्री प्रमाणपत्रों का भी अनावरण किया गया।
मुख्य मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए दीक्षांत समारोह को कृतज्ञता, गर्व और नई शुरुआत का क्षण बताया। उन्होंने विकसित महाराष्ट्र को आगे बढ़ाने और ग्रामीण समुदायों के उत्थान में नागपुर की क्षमता पर प्रकाश डाला।
रामदेवबाबा सार्वजनिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ने कहा कि सच्ची सफलता प्रतिकूल परिस्थितियों को अपने लाभ में बदलने की क्षमता में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि यह दुनिया अवसरों से भरी हुई है, जो केवल उन्हीं को दिखाई देते हैं जिनके पास दूरदृष्टि और विवेक है।
अध्यक्षीय भाषण में आरबीयू के अध्यक्ष डॉ. एसएस मंधा ने ऐसे संस्थानों की आवश्यकता पर बल दिया जो केवल अनुपालन की तुलना में प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति को महत्व देते हैं। उपकुलपति डॉ. राजेश पांडे ने विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।
रामदेवबाबा यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में एनबीर, रमप और एमटेक के स्नातकों को डिसियां प्रदान की गई, साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 6 पदक भी प्रदान किए गए, अनिकेत पांडे, पूर्वी व्यवहारे और चेताली कारनेकर को स्वर्ग तथा जेसिका भट्ट जाहनवी सिंह और रूपक भैसारे को ससत पदक से सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह में समिति महासचिव राजेंद्र पुरोहित् उपाध्यक्ष डॉ. पुरुषोतम पालडीवाल, प्रदीपकुमार अग्रवाल, कैलाशचंद अग्रवाल, एड. प्रदीप अग्रवाल, अशोक कुमार पवेरीवाला, दिनेश अग्रवाल और राजेश संघानों के साथ संकाय सदस्य उपस्थित थे। कुलसचिव डॉ. संजय बोडखे, डॉ. मनोज चाड़क, डॉ.अभिजीत अगारी, डॉ. विशाल शुक्ला आदि ने हिस्सा लिया, संचालन डॉ. प्राची साठती, डॉ. प्रीति मगरुलकर और डॉ. ऋजुता जोशी ने किया