रुपाली चाकणकर के इस्तीफे के बाद विजय वडेट्टीवार का सरकार पर बड़ा हमला, पूछा- बाबा के पीछे कौन?

Ashok Kharat Case: नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर के इस्तीफे पर विजय वडेट्टीवार ने सरकार को घेरा है। उन्होंने 'बड़ी मछलियों' को बचाने और पुलिस पर दबाव डालने का आरोप लगाया।
Vijay Wadettiwar statement on Ashok Kharat case
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Vijay Wadettiwar Reaction: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर द्वारा पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य की सियासत में उबाल आ गया है। दुष्कर्म के आरोपी 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन' के साथ कथित संबंधों के चलते चाकणकर ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा था। हालांकि, विपक्ष इस इस्तीफे को महज एक 'औपचारिकता' बता रहा है।

'बड़ी मछलियों' को बचाने का खेल: वडेट्टीवार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्हाेंने कहा कि केवल उनका इस्तीफा ही काफी नहीं है बल्कि इस मामले से जुड़ी 'बड़ी मछलियों' (बड़े लोगों) खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इस मामले के तार कई रसूखदार लोगों और मंत्रियों से जुड़े हैं, जिन्हें बचाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात के पास जो अपार संपत्ति है और उसे जो राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, वह बिना किसी बड़े हाथ के संभव नहीं है। वडेट्टीवार ने मांग की है कि खरात के संपर्क में रहने वाले सभी नेताओं और मंत्रियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जाए। इस पूरे मामले की जांच के दौरान पुलिस पर जो कथित दबाव डाला जा रहा है, उसकी निष्पक्ष जांच हो। बाबा के 'साम्राज्य' के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है, इसका खुलासा हो।

कौन है अशोक खरात?

स्वयं को मर्चेंट नेवी का सेवानिवृत्त अधिकारी बताने वाला अशोक खरात 'कैप्टन' के नाम से चर्चित है। नासिक पुलिस ने उसे हाल ही में एक महिला का तीन साल तक यौन उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। वर्षों से कई बड़े नेता और प्रभावशाली हस्तियां खरात के आश्रम में हाजिरी लगाते रहे हैं।

महिला आयोग की गरिमा पर सवाल

विजय वडेट्टीवार ने कहा कि जिस महिला आयोग का काम महिलाओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना है, उसकी प्रमुख के संबंध यदि ऐसे अपराधियों से पाए जाते हैं, तो यह व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है। उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार आम जनता के मुद्दों को सुलझाने में विफल रही है और राज्य में 'अंधविश्वास' को बढ़ावा दे रही है।

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