'AC में बैठने वाले अफसरों को क्या पता विदर्भ की गर्मी?' 15 जून से स्कूल खोलने के फैसले पर भड़के शिक्षक

Vidarbha School Reopening Date: विदर्भ में 15 जून से स्कूल शुरू करने का भारी विरोध! भीषण गर्मी में बच्चों की जान जोखिम में डालने का आरोप। हाईकोर्ट के 2007 के आदेश का दिया गया हवाला।
Teachers and parents protest against 15 June school reopening in Vidarbha due to extreme heat. High Court's 2007 order cited for July reopening.
विदर्भ में नये शैक्षणिक सत्र का विरोध (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Vidarbha Climate and Schools: भीषण गर्मी और उमस के मद्देनजर हर वर्ष विदर्भ में नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के आरंभ से होती थी, लेकिन इस बार समूचे राज्यभर में एक साथ स्कूलों को शुरू करने का निर्णय लेकर शिक्षा विभाग ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। 15 जून से स्कूलों को शुरू करने के निर्णय का सर्वत्र विरोध हो रहा है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि विभाग के आला अधिकारी एसी में बैठकर निर्णय ले रहे हैं।

उन्हें विदर्भ की गर्मी का एहसास नहीं है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्यभर के साथ-साथ विदर्भ क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों को भी 15 जून से शुरू करने के निर्देश शिक्षा संचालनालय ने जारी किया है। इस निर्णय से विदर्भ के अभिभावकों और शिक्षकों में असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। वर्षों पुरानी परंपरा को बदलने और विदर्भ के भौगोलिक परिदृश्य को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्वास्थ्य पर पडे़गा असर

जून के महीने में गर्भी भीषण होती है। इस हालत में बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इससे पहले भी इस तरह का निर्णय लिया गया था, जिसका जमकर विरोध हुआ था। इस पर उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने 8 जून 2007 को सरकार के इस निर्णय को रद्द करते हुए निर्देश दिया था कि विदर्भ में स्कूल 1 जुलाई के आसपास ही शुरू किए जाएं।

शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले ने कहा विदर्भ में 15 जून से स्कूल शुरू नहीं हो सकते। इस संबंध में राज्य के शिक्षा आयुक्त और शिक्षा संचालक को पत्र द्वारा अवगत कराया गया है। साथ ही हाई कोर्ट ने निर्णय की कॉपी भी प्रेषित की गई है। अधिकारियों ने जल्द ही निर्णय में बदलाव करने की प्रक्रिया का आश्वासन दिया है। विदर्भ में नये शैक्षणिक सत्र को लेकर नया परिपत्रक जारी किये की उम्मीद है।

भौगोलिक परिस्थितियों पर करें विचार

विजुक्टा महासचिव डॉ. अशोक गव्हाणकर ने कहा कोई भी निर्णय लेते वक्त अधिकारियों को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का विचार करना चाहिए। जब हमेशा से ही स्कूल जुलाई तक शुरू होते रहे हैं तो फिर इस बार 15 जून से शुरू करने की जिद किसलिए की जा रही है। स्कूल 1 जुलाई तक सुबह 7 से 11 बजे तक लिये जाने के आदेश दिये गये हैं। जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक है, वहां दोनों शिफ्ट में स्कूल शुरू करना होगा। यानी छात्रों को दिक्कतें आएंगी। इस निर्णय को जल्द ही रद्द किया जाएगा।

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