

बादल छाने से विदर्भ के अधिकतर जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
नागपुर में अधिकतम तापमान 32.6°C और न्यूनतम तापमान 17.4°C रहा।
28 अक्टूबर को गड़चिरोली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई।
29 अक्टूबर को भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली और गोंदिया के लिए बारिश का अलर्ट बताया गया।
Nagpur Airport High Alert: नागपुर शहर में अक्टूबर माह खत्म होने से पहले बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात का असर विदर्भ में भी देखने को मिला। मंगलवार को अधिकतर जिलों में बदराया मौसम रहा।
बादल छाने से विदर्भ के सभी जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई। वहीं मौसम विभाग से मिले संकेतों के अनुसार आगामी 2 दिन विदर्भ के कुछ जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर को गड़चिरोली में इक्का-दुक्का स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
वहीं गोंदिया और चंद्रपुर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। 29 अक्टूबर को भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली और गोंदिया में बारिश का अलर्ट दिया गया है। इस दौरान विदर्भ के अधिकतर जिलों में बदराया मौसम रहने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है।
मंगलवार को नागपुर जिले में बदराया मौसम रहने के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सिटी का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री दर्ज किया जो औसत से 0.1 डिग्री कम रहा।
सोमवार की तुलना में मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट हुई। न्यूनतम तापमान 17.4 डिसे रहा। यह औसत से 1.2 डिसे कम रहा। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1.4 डिसे की बढ़ोतरी हुई।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में संभावित चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए मंगलवार को नागपुर के डॉ.बाबासाहय आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अहे पर सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया, जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएमआईएएल) प्रशासन ने एयरसाइड सुरक्षा को लेकर कडे एहतियाती निर्देश जारी किए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एयरसाइड ऑपरेशंस द्वारा जारी इस आधिकारिक दिशानिर्देश में सभी संबंधित एजेंसियों, विशेषकर ग्राउंड हैडलिंग टीमों (जीएचए) को प्राथमिकता के आधार पर पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए है।
जीएमआईएएल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक नागपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा और मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।