भाजपा और कांग्रेस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Vidarbha Civic Election Updates: विदर्भ के चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस, अमरावती मनपा में त्रिशंकू व अकोला में भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थापित होगी। चंद्रपुर की बात की जाए तो सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने सहयोगियों के साथ मिलकर मनपा में सत्ता काबिज करने का दावा किया है। कुल 66 सदस्यीय इस मनपा में कांग्रेस तथा जनविकास सेना गठबंधन को 30 सीटें प्राप्त हुई जबकि भाजपा और शिंदे शिवसेना गठबंधन को 24 सीटें हासिल हुई।
अकेले कांग्रेस को यहां 27, भाजपा को 23, कांग्रेस समर्थित जनविकास सेना को 3, शिवसेना (ठाकरे) को 6, शिंदे शिवसेना को 1, वंचित बहुजन आघाडी को 2, एआईएमआईएम को 1,बहुजन समाज पार्टी को 1 सीट प्राप्त हुई। यहां की 2 सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया है।
वहीं अमरावती मनपा के अप्रत्याशित नतीजों में युवा स्वाभिमान पार्टी के 16 उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने बिना हो हल्ला के प्रचार के 15 सीटों पर जीत हासिल की। इसी प्रकार एमआईएम ने 12 सीटों पर जीत हासिल कर सबको आश्चर्य में डाल दिया। एनसीपी अजित पवार से काफी अपेक्षा थी, लेकिन वह 10 सीटों पर अटक गई। शिवसेना शिंदे गट 3, बसपा 3, उबाठा 2, वंचित आघाड़ी 1 सीट पर जीत हासिल कर पाई।
सदन में भाजपा 25, युवा स्वाभिमान 16, शिवसेना शिंदे गट 3 इस तरह महायुति के 44 उम्मीदवार मिलाकर बहुमत हासिल करने की संभावना है। चुनाव में भाजपा को काफी अपेक्षा थी, लेकिन अंत तक संभ्रम की स्थिति के चलते इस तरह की स्थिति बनने से शहर में तरह तरह की चर्चा व्याप्त है।
वहीं भाजपा पूर्व गट नेता तथा विधायक श्रीकांत भारतीय के छोटे भाई तुषार भारतीय, भाजपा महासचिव बादल कुलकर्णी, भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे की पत्नी की बड़ी बहन शोभना देशमुख, पूर्व पार्षद प्रणीत सोनी, चेतन पवार, मुख्यमंत्री के ममेरे भाई विवेक कलोती, गंगा खारकर, संगीता बुरंगे, कुसुम साहु, राजेश पड्डा, सतीश करेसिया, प्रमोद पांडे, अंजलि पांडे, पप्पू पडोले को पराजय का सामना करना पड़ा।
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शिवसेना शिंदे गुट ने 67 स्थानों पर उम्मीदवार खड़े किए थे उसमें से सिर्फ 1 स्थान तथा राकां अजीत पवार गुट ने 14 स्थानों पर उम्मीदवार खड़े किए थे उसे सिर्फ 1 स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं एमआईएम के पास जहां पिछले कार्यकाल में सिर्फ एक स्थान था वह इस बार 3 हो गए हैं। इसी तरह पिछले कार्यकाल में निर्दलीय 5 थे लेकिन इस बार निर्दलीय को सिर्फ 1 स्थान मिला है।
इसी तरह शहर विकास आघाड़ी को 1 स्थान मिला है। भाजपा को 80 में से 38 स्थान प्राप्त हुए हैं। इसी तरह शिंदे गुट को 1, राकां अजीत पवार गुट को 1 स्थान मिला है। इस तरह यह संख्या 40 होती है। इसी तरह एक निर्दलीय मिलाकर यह संख्या 41 हो सकती है। निर्दलीय चुनाव जीतने वाले आशीष पवित्रकार को इस बार भाजपा ने उम्मीदवारी नहीं दी थी, वे निर्दलीय चुनकर आए हैं। अब भाजपा ने सत्ता के लिए जोड़ तोड़ शुरू कर दी है।