

Nagpur UPI Outag and Mobile Network Server Down: आज के दौर में अधिकांश लोग यूपीआई पेमेंट पर निर्भर हैं। कई लोग आज ऐसे मिल जाएंगे, जिसकी जेब में एक रुपये भी नहीं होता है। ऐसे लोगों को शुक्रवार को संकटों का सामना करना पड़ा क्योंकि एक साथ कई बैंकों का सर्वर डाउन था, जिसके कारण यूपीआई में पेमेंट ही नहीं हो पा रहा था।
लोगों ने अलग-अलग बैंक अकाउंट से भी पैसे भेजने की कोशिश की लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दुकानदार भी परेशान होते दिखे क्योंकि खरीदी के बाद भी उन्हें पेमेंट नहीं हो रहा था। लोगों ने बताया कि यह समस्या लगभग 12 बजे शुरू हुई और 2 बजे तक चली। इस बीच लोग परेशान होते रहे।
घर में डिलीवरी करने आने वालों को भी काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। कुछ लोग 'बाद' में पैसा दे देना कहते हुए चले गए, लेकिन सिस्टम जल्दी शुरू नहीं हो पाया। एक बार यह पुनः साबित हो गया कि केवल 'तकनीक' के भरोसे जेब खाली रखना उचित नहीं है। जेब में कुछ न कुछ नकदी होना भी जरूरी है।
अब भी यह सिस्टम पूरी तरह से भरोसे के काबिल नहीं हो पाया है। मोबाइल नेटवर्क भी धड़ाम नेट तो नेट। मोबाइल नेटवर्क ने भी खूब पसीना छुड़ाया है। शुक्रवार को जियो, एयरटेल, वीई से लेकर सभी आपरेटरों के सिगनल कई स्थानों पर डाउन मिले।
वर्धा रोड पर भी यह समस्या देखी गई। कई स्थानों पर नेटवर्क पूरी तरह से ठप था, तो कुछ स्थानों पर गति पर अंकुश लग गया था। लोग मोबाइल लेकर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन उन्हें नेटवर्क हासिल करने में कोई सफलता नहीं मिली। काफी समय बाद उन्हें समझ में आया कि मोबाइल कंपनियां उन्हें 'धोखा' दे रही हैं। उनका ही नेटवर्क पूरी तरह से बैठ चुका है।
व्यापारियों ने बताया कि दोनों प्रकार के नेटवर्क खराब होने से कारोबार करने में खासी परेशानी हुई। शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ही नेटवर्क नहीं मिल रहा था। पेमेंट करना और पेमेंट लेना मुश्किल हो रहा था।
इतना ही नहीं, लोगों से संपर्क साधने में भी काफी परेशानी हुई। इतवारी जैसे क्षेत्र में भी समस्याएं विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। वर्धा रोड टेलीकाम कंपनियों की नजरों से ओझल हो चुका है। टावरों का दायरा सिमट सा गया है और थोड़ा भी अंदर रहने से फोन पर संपर्क करना मुश्किल जा रहा है।