वैन में ले गए, यह सच है लेकिन जबरदस्ती नहीं की; पर तड़के क्यों बुलाई गई पुलिस वैन?

Nagpur Tribal Students: नागपुर में आदिवासी छात्रों का आंदोलन स्थगित होने के बाद तड़के करीब 4 बजे विद्यार्थियों को पुलिस वैन से कलमना छात्रावास ले जाया गया। विभाग ने जबरदस्ती के आरोपों को खारिज किया।
Nagpur Tribal Students Protest Hostel
सीईओ आयुषी सिंहफोटो सोर्स- नवभारत
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Nagpur Tribal Students Protest Hostel: अपनी जायज मांगों को लेकर 13 अगस्त से गिरीपेठ स्थित आदिवासी विकास विभाग के अपर आयुक्त कार्यालय के बाहर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को तड़के पुलिस वैन से कलमना स्थित आदिवासी विभाग के छात्रावास में ले जाया गया। विद्यार्थियों को जबरन वैन में भरकर ले जाने के आरोप को आदिवासी विकास विभाग की अपर आयुक्त आयुषी सिंह ने खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को पुलिस वैन से ले जाया गया, यह सही है लेकिन उनके साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की गई।

आंदोलनरत विद्यार्थियों को तड़के हॉस्टल ले गई पुलिस

आदिवासी विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री अशोक उईके ने शनिवार को आंदोलनरत विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद विद्यार्थी प्रतिनिधि गणेश इरपाची ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की और विद्यार्थियों से अपने-अपने गांव लौटने का आह्वान किया। गोंदिया और गड़चिरोली जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों के लिए रात में वापस जाना संभव नहीं था। इसलिए उन्होंने अगले दिन सुबह जाने का निर्णय लेते हुए कार्यालय परिसर में ही रात बिताई। इसी दौरान तड़के करीब 4 बजे विद्यार्थियों को पुलिस वैन से कलमना स्थित आदिवासी विभाग के छात्रावास में पहुंचाया गया।

केवल 15 पुलिसकर्मी जबरदस्ती कैसे करते

आयुषी सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर केवल 15 पुलिसकर्मी मौजूद थे जबकि विद्यार्थियों की संख्या इससे कई गुना अधिक थी। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों के साथ जोर-जबरदस्ती करना संभव ही नहीं था।

उन्होंने कहा कि आधी रात या तड़के विद्यार्थियों को छात्रावास पहुंचाने के लिए ट्रैवल्स या बस की तत्काल व्यवस्था करना संभव नहीं था। विद्यार्थियों को सुरक्षित रूप से छात्रावास तक पहुंचाना जरूरी था। इसलिए पुलिस वैन तत्काल और सुरक्षित विकल्प था। इस व्यवस्था पर विद्यार्थियों ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई थी। ऐसा आयुषी सिंह ने स्पष्ट किया।

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विद्यार्थियों से करीब एक घंटे तक चर्चा

इन आरोपों पर सफाई देते हुए आयुषी सिंह ने बातचीत में कहा कि कुछ विद्यार्थी रात में कार्यालय परिसर में ही रुके हुए थे और ऐसा लग रहा था कि वे दोबारा आंदोलन शुरू करने की मानसिकता में हैं। इ

सलिए विद्यार्थी प्रतिनिधियों के साथ करीब एक घंटे तक चर्चा की गई। उन्हें कलमना स्थित छात्रावास में जाने के लिए कहा गया, चर्चा के बाद विद्यार्थियों ने खुद कहा कि हम उठ रहे हैं, मैं स्वयं सुबह तक कार्यालय में मौजूद थी। हमने ही पुलिस वैन मंगवाई और विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए स्वाना किया। इसमें विद्यार्थियों की भी सहमति थी।

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