...तो हो जाती अनहोनी, दीक्षाभूमि में उखड़ा पेड़, अचानक मची खलबली, धम्मचक्र प्रवर्तन दिन नजदीक

Deekshabhoomi Nagpur: धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस नजदीक है। ऐसे में दीक्षाभूमि में पिछले 8 दिनों से मनपा मरम्मत का काम तेजी से कर रहा है। इस बीच एक बड़ी घटना हो गई। दीक्षाभूमि में एक विशाल पेड़ उखड़ गया।
Deekshabhoomi Nagpur: धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस नजदीक है। ऐसे में दीक्षाभूमि में पिछले 8 दिनों से मनपा मरम्मत का काम तेजी से कर रहा है। इस बीच एक बड़ी घटना हो गई। दीक्षाभूमि में एक विशाल पेड़ उखड़ गया।
दीक्षाभूमि में उखड़ा पेड़ (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: रविवार की रात अचानक दीक्षाभूमि में एक पेड़ धराशायी होने से खलबली मच गई। हालांकि किसी तरह का अधिक नुकसान तो नहीं हुआ किंतु पेड़ गिरने के कारण बुक स्टाल के लिए बनाए गए स्टाल्स और पंडाल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। यह घटना दीक्षाभूमि परिसर में दादासाहब गायकवाड स्मारक के ठीक पीछे हुई। सूत्रों के अनुसार चूंकि अब धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के लिए केवल 3 दिन बचे हुए हैं।

ऐसे में यहां पर रात में भी कार्य किया जा रहा है। कुछ हिस्से में कार्य चल ही रहा था कि अचानक बुक स्टाल के लिए बने पंडाल के पास जोरदार आवाज हुई। इसे देखने के लिए यहां काम कर रहे लोग पहुंचे। पंडाल पर सूखा पेड़ गिरा हुआ था जिससे स्टाल का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

...तो हो जाती अनहोनी

सूत्रों के अनुसार धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर यहां के बुक स्टाल्स में आम्बेडकरी विचारों की किताबें खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में यदि इस दिन पेड़ धराशायी होता तो अनहोनी से नकारा नहीं जा सकता था। इसी तरह से कुछ लोगों का मानना था कि दीक्षाभूमि पर गत 8 दिनों प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है। ऐसे में पेड़ की स्थिति उन्हें दिखाई नहीं देना आमश्चर्य से कम नहीं है।

इस तरह की लापरवाही किसी घटना का कारण हो सकती है। बसपा के प्रवक्ता उत्तम शेवडे ने कहा कि गत अनेक दिनों से दीक्षाभूमि का समतलीकरण किया जा रहा है। इसे लेकर कई बार शिकायतें भी की गईं किंतु बेतरतीब तरीके से चल रहे कार्य पर संज्ञान नहीं लिया गया।

बचे 2 दिन, फिर भी दुरावस्था

उन्होंने कहा कि अब धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मुख्य कार्यक्रम के लिए केवल 2 दिन का समय बचा हुआ है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधाओं के लिए आवश्यक कई कार्य बचे हुए हैं। भले ही प्रशासन की ओर से सभी सुविधाएं समय में पूरे करने के दावा किया जा रहा हो किंतु अभी भी शौचालय आदि का मसला हल नहीं हुआ है। ऐसे में अब पेड़ गिरने से नई मुसीबत खड़ी हुई है।

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